मेरठ 25 फरवरी (प्र)। भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रॉजिट सिस्टम नमो भारत कॉरिडोर के बचे हुए हिस्से स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी में ग्लोबल लीडर एल्सटॉम ने व्यावसायिक परिचालन शुरू कर दिया है, जो दिल्ली गाजियाबाद मेरठ को जोड़ता है। इसके अलावा, मेरठ शहर के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम भी शुरू हो गया है।
मीडिया प्रवक्ता ने बताया कि ये ट्रेनें एल्सटॉम के भारत-निर्मित ट्रेनसेट्स और एलटीई 4जी सिग्नलिंग सॉल्यूशंस पर एडवांस्ड इंटीसीएस हाईब्रिड लेवल 3 द्वारा संचालित होंगी। दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बचे हुए हिस्से के उद्घाटन में न्यू अशोक नगर से सराय काले खाँ (5.5 किलोमीटर) और मेरठ साउथ मोदीपुरम (21 किलोमीटर) तक तथा मेरठ मेट्रो सेक्शन (21 किलोमीटर) शामिल हैं।
इस उपलब्धि के बारे में ओलिवियर लॉयसन के मैनेजिंग डायरेक्टर एल्सटॉम इंडिया ने कहा, एनसीआरटीसी ने आरआरटीएस और अब मेरठ मेट्रो के साथ मिलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हमें इस सफर में उनका प्रेफर्ड पार्टनर बनने की खुशी है। आरआरटीएस के लिए संपूर्ण कॉरिडोर की शुरूआत और मेरठ मेट्रो के लिए राजस्व सेवा शुरू हो जाने से इस आधुनिक अर्बन रेल नेटवर्क द्वारा इंटर और इंट्रा सिटी विकास के अवसर बढ़ेंगे। इस अभियान में हम एनसीआरटीसी को अपना हर संभव सहयोग देते रहेंगे।
गौरतलब है कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉपोरेशन (एनसीआरटीसी) के नेतृत्व में मिली यह उपलब्धि नेशनल कैपिटल रीजन में अर्बन मोबिलिटी बढ़ाने तथा मेरठ के निवासियों के लिए इंट्रा-सिटी कम्यूट बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही मेरठ मेट्रो दुनिया का पहला मेट्रो सिस्टम बन गया है, जो लॉन्ग टर्म इवॉल्यूशन (एलटीई) 4जी पर यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) हाईब्रिड लेवल 3 सिग्नलिंग द्वारा संचालित होगा। यह सुरक्षा, एफिशियंसी और संचालन की फ्लेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजिकल प्रगति है।
लाखों नागरिकों के जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव
नई मेरठ मेट्रो (एमआरटीएस) कम्यूटर ट्रेनें जन परिवहन बढ़ाने का एक आकर्षक और सस्टेनेबल विकल्प हैं। बेहतरीन एर्गोनॉमिक्स, सुरक्षा और आराम, कम लाइफ साइकिल लागत और रिसाइकिलिंग की उच्च क्षमता के साथ ये ट्रेनें ट्रैफिक की भीड़, हवा के प्रदूषण और पयूल की खपत को कम करती है। इनसे यात्री का खर्च और समय बचता है. शहर के बाहरी इलाके क्षेत्र के आर्थिक केंद्रों से जोड़ते हैं, जिससे लाखों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
