मेरठ 27 फरवरी (प्र)। परतापुर थाना क्षेत्र के मुजक्कीपुर चौराहे के पास कलेक्शन एजेंट से दिनदहाड़े 60 हजार रुपये लूट में पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई नगदी में से 46,100 रुपये, एक तमंचा तथा वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। परतापुर थाने पर 23 फरवरी को मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव मउखास निवासी चैतन्य इंडिया कंपनी के एजेंट शिवम तोमर से दो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर 58,800 रुपये की नगदी लूट ली थी। शिवम तोमर ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने शुक्रवार को बताया कि परतापुर थाना पुलिस व स्वॉट टीम समेत ने गुरुवार की रात 10:42 बजे चेकिंग के दौरान इंस्टीट्यूट फॉर इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी कालेज के बगल वाले रास्ते से मुखबिर की सूचना पर बाइक पर आते दो संदिग्ध व्यक्तियों को चेक किया गया पुलिस को एक संदिग्ध ने अपना नाम यश पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम पूठी, थाना जानी व पीछे बैठे व्यक्ति ने आशीष उर्फ कल्लू पुत्र देवेंद्र ग्राम मुजक्कीपुर बताया। पुलिस ने यश से 13100 रुपये व आशीष 9000 रुपये बरामद किए।
पुलिस को आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 23 फरवरी को मुजक्कीपुर चौराहे के पास अपने साथी कपिल पुत्र विन्दर व अभिनव उर्फ इंदर पुत्र सुधीर निवासीगण मुजक्कीपुर के साथ मिलकर कलेक्शन एजेंट शिवम तोमर से लूटपाट की थी। इसके बाद बैग को जलाकर नष्ट कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कपिल व अभिनव को ग्राम कायस्थ गावड़ी की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। कपिल से 24,000 रुपये तथा अभिनव उर्फ इंदर से 315 बोर का तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए।
जिसके घर से रिकवरी उसी ने लुटवाया
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कलेक्शन एजेंट शिवम तोमर गांव मुजक्कीपुर में कपिल के घर बैठकर रिकवरी करता था।
कपिल ने लूट की साजिश रची। इसके बाद अभिनव उर्फ इंदर ने रेकी की। साथ ही, यश ने वारदात को अंजाम देते समय बाइक चलाई बाइक पर पीछे बैठे आशीष उर्फ कल्लू ने एजेंट शिवम तोमर को तमंचा दिखाकर नगदी लूटी। सीसीटीवी में वारदात के बाद आरोपी कपड़े बदलते कैद हुए।
महिला से ठगे थे कुंडल
एसपी सिटी ने बताया कि 21 फरवरी को गांव घाट के रजवाहे की पटरी पर एक महिला उपले पाथ रही थी। तभी आशीष व यश ने सोने के कुंडलों को गंदा बताते हुए उनको चमकाने के बहाने उतरवा लिए थे जब महिला अपने काम में लग गई तो आरोपी उनको लेकर भाग गए थे। इसके बाद कुंडल राहगीर को दस हजार रुपये में बेच दिए थे।
