मेरठ, 27 फरवरी (अम)। निगम के अफसर पर घिनौनी हरकत करने के आरोप लगाकर बार-बार शिकायत होने का सिलसिला थम नहीं रहा हैं। संबंध बनाने की बात कहकर अफसर बनाने, ड्यूटी में लापरवाही, बुकिंग पर कार चलाने और महिलाओं से अश्लीलता करने की शिकायत लगातार नगर निगम में पहुंच रही हैं। जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधे हैं, कार्रवाई कराने की बात तो क्या यहां तक कि जांच भी नहीं कराई जा रही। आरोप सही है, गलत है या फिर साजिश इसका पता लगाने की उच्च अफसरों ने जहमत नहीं उठा रहा हैं।
नगर निगम में एक अफसर के खिलाफ आठ से ज्यादा अलग-अलग शिकायत पत्र आए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया कि मैं दूसरे राज्य की हूं और मुझे निगम में तैनात अफसर ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। हमारी एक बेटी भी है। छह महीने पहले एक महिला ने नगर आयुक्त सहित कई अफसरों को डाक के माध्यम से पत्र दिया था। इसमें आरोप लगा था कि उक्त अफसर ने मुझे निगम में नौकरी लगाने के बहाने अपने पास बुलाना शुरू किया।
अफसर बनाने की बात कहकर संबंध बनाने की बात कही हैं। तीसरे पत्र में महिला का आरोप कि उक्त अफसर निगम में ड्यूटी के प्रति लापरवाह हैं। वे दिन में सिर्फ तीन घंटे ही नगर निगम में ड्यूटी करते हैं, बाकी समय में बुकिंग पर अपनी कार टैक्सी के तौर पर खुद चलाते हैं।
खासतौर पर किराये की कार से ऑनलाइन बुकिंग करने वाली महिलाओं पर उनका फोकस रहता हैं। ऐसी शिकायत बार-बार निगम में अफसरों के पास आती हैं और वह जांच कराना भी मुनासिब नहीं समझ रहे। जबकि यह एक अफसर के साथ-साथ महिला उत्पीड़न से जुड़ा मामला हैं। इसके प्रति योगी सरकार भी गंभीर हैं।
अफसर की हरकत गलत है या जानबूझकर बार-बार शिकायत की जा रही है, इसके बारे में गहनता से जांच कराने की मांग गत दिवस पार्षदों ने की हैं।
अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने कहा कि गंभीर आरोप लगा कर एक अफसर की शिकायत कई बार की गई हैं। सहायक नगर आयुक्त को जांच करने के निर्देश दिए गए है। पूर्व में आई शिकायत की जांच एक अधिकारी द्वारा कराई गई थी। इस मामले की जांच पुलिस से कराई जाएं, तभी सही खुलासा होगा।
निगम के अफसर पर आरोपों का सिलसिला नहीं थम रहा, कार्रवाई शून्य
Share.
