मेरठ 28 फरवरी (प्र)। बहन के प्रेमी को दनकौर से समर गार्डन शादी कराने के बहाने बुलाकर उसकी हत्या करने के मामले में दो साल बाद न्यायालय का फैसला आ गया। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 ने मृतक की प्रेमिका तथा उसकी बहन समेत पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित भी किया है। जिन आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली है, उनमें फिरोज, रुकसाना, दानिश्ता, अमजद और नफीस शामिल हैं।
समर गार्डन में मिला था सुहेल का शव
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के समर गार्डन में 10 फरवरी 2024 की सुबह एक अज्ञात युवक का शव प्लास्टिक की बोरी में मिला था। सिर धड़ से अलग था। शव कुछ घंटे पुराना था। तत्कालीन समर गार्डन चौकी प्रभारी अजय शुक्ला ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्ट के लिए भेजा दिया था। साथ ही, अपनी ओर से अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक के हाथ पर सुहैल लिखा। पुलिस पोस्टर चस्पा कराकर तथा सीडीआर से मृतक की शिनाख्त सुहैल पुत्र फैजुल हसन निवासी ग्राम तिल मंडपा थाना दनकौर, जिला गौतमबुद्दनगर के रुप में हुई थी। पुलिस ने फिरोज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी बरामद कर ली थी।
न्यायालय ने सुनाई सजा
न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 द्वारा शुक्रवार को सुहेल हत्याकांड फैसला सुनाया गय सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-12 द्वारा शुक्रवार को सुहैल हत्या के मुकदमे में प्रकाश में आए अभियुक्तों दानिश्ता, उसकी बहन रूकसाना, रूकसाना के पहले पति फिरोज तथा दो भाइयों अमजद व नफीस को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित भी किया।
शादी के बहाने बुलाकर की थी हत्या
सुहैल हत्याकांड की विवेचना वर्तमान में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने की। विवेचना में पता चला कि सुहैल के जनपद हापुड़ के थाना कपूरपुर क्षेत्र के गांव बझेड़ा निवासी दानिश्ता पुत्र स्व. इंशाल्लाह से प्रेम संबंध थे। दरअसल, दानिश्ता के भाई अमजद व नफीस ने हापुड़ में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके बाद वे फरार हो गए थे। भाइयों की फरारी के दौरान दानिश्ता, दनकौर थाना क्षेत्र के गांव तिल मंडया में रही थी। इस दौरान उसका गांव ति मंडया के सुहैल से प्रेम प्रसंग हो गया था। सुहैल, दानिश्ता को घर से भगा ले गया था। इसके बाद प्रेमी युगल को बरामद कर गांव की पंचायत में दोनों को अलग-अलग रहने की हिदायत दें दी गई थी। जिस पर दानिश्ता को उसके भाइयों ने अपनी बड़ी बहन रूकसाना पत्नी साजिद निवासी गांव कायस्थ चड्ढा, थाना किठौर के पास भेज दिया था। रूकसाना उस समय समर गार्डन में अपनी नानी के पास रह रही थी। इस दौरान दानिश्ता की शादी दिव्यांग टेलर तालिब निवासी ग्राम सौदत, ना किला परीक्षितगढ़ से कर दी थी। शादी के बाद भी दानिश्ता, सुहैल से बात करती थी। इसका पता रूकसाना को चल गया था जिस पर रूकसाना ने नौ फरवरी 2024 को सुहैल को दानिश्ता से शादी कराने के बहाने समर गार्डन बुला लिया था। साथ ही, अपने हत्यारोपी भाइयों अमजद व नफीस के अलावा अपने पहले पति फिरोज पुत्र स्व. कश्मीर निवासी उज्जवल गार्डन को भी बुला था। सुहैल के घर पहुंचने पर पहले उसकी खातिरदारी की। फिर दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बाथरूम में ले जाकर छुरी से सिर को धड़ से अलग कर दिया गया। हत्या के बाद शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर समर गार्डन में फेंक दिया गया था। मुकदमे के वादी और वर्तमान में परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया कि उनकी सात दिन कोर्ट में गवाही हुई। विवेचना के दौरान पुलिस साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
