मेरठ 28 फरवरी (प्र)। आवास एवं विकास परिषद की संपत्तियों को लेकर शहरवासियों ने खासा रुझान दिखाया है। आरक्षित दामों से डेढ़ से तीन गुणा रेटों में संपत्तियां बिकी हैं।
19 फरवरी को हुई नीलामी में बोली अलग-अलग संपत्तियों की कुल 59 करोड़ रुपये की बोली लगी है। रैपिड रेल के संचालन और सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर लटक रही ध्वस्तीकरण की तलवार से लोगों ने जागृति विहार एक्सटेंशन में कामर्शियल संपत्तियों को खरीदने पर उत्साह दिखाया है।
50 वर्ग मीटर के 14 भूखंडों को खरीदने के लिए लोगों में होड़ सी देखी गई। 35 लाख 84 हजार रुपये आरक्षित कीमत वाले भूखंडों की अधिकतम कीमत 76 लाख रुपये तक लगी है। इसी तरह माधवपुरम में 31 से 35 वर्गमीटर के चार आवासीय भूखंडों की आरक्षित कीमत 7.11 लाख से 7.96 लाख के बीच थी। यह 26 लाख रुपये तक के बिके हैं।
टीपी नगर में 49 लाख का भूखंड की कीमत 73 लाख रुपये लगी है। छोटे भूखंडों की बेलगाम कीमतों के लगने से लोगों ने विरोध भी जताया है। जागृति विहार एक्सटेंशन आवंटी मोर्चा संघर्ष समिति के सुरेश पटेल ने कहा कि बिल्डर और प्रापर्टी डीलरों ने परस्पर संगठित होकर बोली लगाई है, जिससे आम जरूरतमंद लोगों को भूखंड नहीं मिल सके।
संपत्ति प्रबंधक सुनील शर्मा ने बताया कि जागृति विहार एक्सटेंशन में 21 संपत्तियां थी वहीं शास्त्रीनगर, माधवपुरम और टीपीनगर में छह संपत्तियां ई नीलामी में बिकी हैं। इन संपत्तियों के दाम कुल 58.91 करोड़ रुपये लगे हैं।
उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परिषद की संपत्तियों को खरीदने के प्रति लोगों ने अच्छा रुझान दिखाया है। गरीब वर्ग के लिए पीएम आवास योजना के तहत भी 600 से अधिक घर बनाकर दिए गए हैं।
