मेरठ 12 मार्च (प्र)।ऑनलाइन गेमिंग की लत किस तरह इंसान को अपराध की राह पर धकेल सकती है, इसका सनसनीखेज मामला कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया है। कर्ज के बोझ से दबे एक पिता ने रुपये के लिए अपने बेटे के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली।
पिता ने बेटे को छिपाकर पत्नी से छह लाख की फिरौती मांगने की कहानी गढ़ दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर बच्चे को मुरादनगर से बरामद कर लिया। बुधवार को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने प्रेस वार्ता कर खुलासा किया। पुलिस के अनुसार अशोक नगर, नगला ताशी निवासी दीपक पुत्र जगपाल ने 10 मार्च को कंकरखेड़ा थाने में सूचना दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा हर्ष कुमार उर्फ हनी 9 मार्च को कोचिंग के लिए निकला था, वापस नहीं लौटा। पिता ने आशंका जताई कि किसी ने बेटे का अपहरण कर लिया है।
प्रेस वार्ता में एसपी सिटी ने बताया कि दीपक ने अपने बेटे को मुरादनगर में एक रिश्तेदार के यहां भेजकर छिपा दिया था और उसे हिदायत दी थी कि जब तक वह खुद न कहे, तब तक वापस न लौटे। साजिश को सच साबित करने के लिए दीपक ने फिरौती के पत्र की कहानी भी गढ़ी और रिश्तेदार पर दबाव बनाया कि वह भी पुलिस के सामने उसी बात की पुष्टि करे। इसके बाद बैठे को होटल के एक कमरे में रहने के लिए छोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस की सख्त पूछताछ और जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने मुरादनगर से बेटे हनी को सकुशल एक होटल से बरामद कर लिया और आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड बनवाकर उनसे मिले पैसों को ऑनलाइन गेम में लगा दिया था। लगातार हारने के कारण वह भारी कर्ज में डूब गया। इसके बाद उसने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए करीब दो लाख रुपये और उधार लिए, जिन्हें भी वह गेमिंग में गंवा बैठा।
जांच में सामने आया कि गेमिंग की लत के कारण आरोपी पर करीब सात से आठ लाख रुपये का कर्ज हो गया था। मार्च महीने की किस्तें बकाया होने और कर्जदारों के दबाव से परेशान होकर उसने अपने ही बेटे को बहला-फुसलाकर छिपा दिया। पत्नी से रुपये निकलवाने के लिए अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी रच दी।
