मेरठ, 18 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। सिस्टम की खामी कहें या हठधर्मी निरंतर पूरे दिन व्यस्त रहने वाले शहर के प्रमुख बाजार आबूलेन पर मेट्रो शूज के बराबर में मकान को तोड़कर रिहायशी भूमि पर कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स में बाटा का शोरूम खुल तो गया लेकिन जानकारों का कहना है कि शीघ्र ही कैंट बोर्ड द्वारा बड़ी कार्यवाहीं इस मामले में हो सकती है क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय और सरकार दोनों ही रिहायशी भूमि पर हुए अवैध कॉमर्शियल निर्माणों के विरूद्ध सख्त कार्यवाई कर रही है उसके प्रमाण के रूप में शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट के प्रकरण को देखा जा सकता है। कुछ सूत्रों का कहना है कि अगर संबंधितों ने ध्यान दिया तो इस पर अन्य निर्माणों की तरह सील भी लग सकती है।
बताते चलें कि एक पुरानी कोठी में पहले कमरे बनें फिर छोटी-छोटी दुकान और अब रिहायशी भूमि पर इस बाजार में पहले भी अवैध रूप से कई निर्माण करा चुके नए बने शोरूम के निर्माता ने शोरूम तो खुलवा दिया लेकिन ना इसमें शोरूम संचालकों अथवा यहां आने वाले ग्राहकों के वाहन खड़े करने की जगह है और ना ही इसमें केन्द्र और सरकार की निर्माण नीति का पालन किया गया हैं। अभी पिछले दिनों मध्य प्रदेश में ऐसे ही अवैध कॉमर्शिलय निर्माणों में भारी तादाद में तोड़फोड़ की जा चुकी है देश की राजधानी दिल्ली में तो कई ऐसे निर्माण तोड़े गये हैं इस बाटा शोरूम के कुछ दूरी पर सदर घंटाघर के पास बने तीन मंजिले आरआर मॉल जो पूरी तौर पर जमींदोज किया जा चुका है और बॉम्बे मॉल को देखा जा सकता है।
नागरिकों का मानना है कि कैंट बोर्ड के सीईओ जो ऐसे अवैध निर्माणो के खिलाफ काफी सख्त रूख अपना रहे हैं और यह अवैध निर्माण आम आदमी के आवागमन में बाधा बनेगा, क्योंकि शोरूम के आगे स्कूटर खड़ा करने की भी जगह नहीं छोड़ी गयी है गाड़ी खड़ी करने की तो बात दूर। आखिर कब कार्यवाही करते हैं। बाटा कंपनी एक प्रतिष्ठित उद्योग एवं व्यापारिक संस्थान है उसे कैंट बोर्ड की एनओसी के बिना इस प्रकार के अवैध शोरूमों में अपने प्रतिष्ठान खोलकर सरकार की अवैध निर्माणों की नीति के विरूद्ध शोरूम नहीं खोलना चाहिए ऐसा जाम से परेशान आम नागरिकों का मानना है।

