मेरठ 31 मार्च (प्र)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को उड़ीसा के भुवनेश्वर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह सूचना मिलते ही पश्चिमी यूपी के किसानों में रोष व्याप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन ने विरोध में सभी जिलों में थानों का घेराव शुरू कर दिया। देर रात उड़ीसा पुलिस ने टिकैत को रिहा करने की सूचना दी जिसके बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया।
भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि टिकैत की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही किसानों ने थानों पर धरना शुरू कर दिया।। मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि गौरव टिकैत के नेतृत्व में जनपद के 25 थानों में किसानों ने डेरा डाला। बागपत, शामली जिलों के सभी थानों में किसान धरने पर बैठ गए। हापुड़ में गढ़, सिंभावली, बाबूगढ़, पिलखुआ थाने पर किसानों ने धरना दिया। सहारनपुर बुलंदशहर, बिजनौर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाने में विरोध प्रदर्शन किया। भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष ने देर रात करीब 12.15 बजे बताया कि राकेश टिकैत को उड़ीसा पुलिस ने ससम्मान रिहा कर दिया है। रिहाई के बाद धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है।
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि देश का किसान चौधरी राकेश टिकैत के सम्मान में सड़कों पर ही रहेगा कोई भी सरकार उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करने एक प्रयास न करे धरना स्थल पर पहुंचे अधिकारियों से वार्ता करते हुए जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने स्थानीय समस्याओं पर दस दिन का समय देते हुए निस्तारण कराने निस्तारण न होने की स्थिति में एक बड़ा आंदोलन मेरठ में करने का आव्हान किया।
अनुराग चौधरी ने कहा कि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से किसान आक्रोशित हैं। लोकतंत्र में अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने का अधिकार है। सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। जब तक राकेश टिकैत और बाकी किसानों को ओडिसा सरकार रिहा नहीं करेगी तब तक किसान कलेक्ट्रेट और थानों से नहीं हटेंगे। जिले के किसानों को कह दिया गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचेंगे।
