मेरठ, 31 मार्च, (अम)। तीन प्रमुख कॉलोनियों में सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित पार्कों पर अवैध कब्जे को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। आदेश के एक महीना समय बीतने के बाद भी धरातल पर स्थिति जैसी पहले थी वैसी ही बनी हुई है। अब शिकायतकर्ता ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के अधिकारियों पर कोर्ट में फर्जी शपथ-पत्र दाखिल करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। शिकायतकर्ता चंद्रशेखर गुप्ता ने साईंपुरम, जगन्नाथपुरी (बहादुर मोटर्स के पीछे) और मंगतपुरम कॉलोनी (गोपाल गोशाला, दिल्ली रोड के पीछे) स्थित पार्कों पर भू-माफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने की।
26 फरवरी को ट्रिब्यूनल ने चंद्रशेखर गुप्ता बनाम स्टेट ऑफ यूपी मामले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि तीनों पार्कों से तत्काल अवैध निर्माण और कब्जे हटाए जाएं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवैध कब्जे हटाने के बजाय जोनल अधिकारी अर्पित यादव और अवर अभियंता महादेव शरण की ओर से एनजीटी में एक ऐसा शपथ पत्र दाखिल किया गया जिसमें कब्जे हटाए जाने का दावा किया गया है। इस मामले में मेडा सचिव एके सिंह का कहना है प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले की फाइल दोबारा देखी जाएगी। और वस्तुस्थिति के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
फर्जी शपथपत्र दाखिल करने का मेडा पर लगा आरोप
Share.
