मेरठ 31 मार्च (प्र)। नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के 1831 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी गई। इस बार बजट में नगर निगम ने महानगर में 122 किमी मेन रोड और बाजारों में सुबह व शाम सफाई कराने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्राइवेट हाथों में दिया जाएगा। बजट में जहां करीब सौ करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड की सड़क बनाने का प्रावधान किया गया, वहीं अन्य योजनाओं में 130 करोड़ से सड़क बनाना प्रस्तावित किया गया। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नाला सफाई में चालू वित्तीय वर्ष 10 लाख रुपये प्रस्तावित थे, लेकिन इस बजट में तीन करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई। सफाई के लिए आउटसोर्सिंग कर्मी बढ़ाए जाएंगे, इसके चलते बजट में पांच करोड़ की वृद्धि करते हुए इस मद में 60 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। 25 करोड़ से कान्हा मॉडल गोशाला का निर्माण करेगा नगर निगम ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में महापौर हरिकांत अहलुवालिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ने बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में वास्तविक आय 1212.21 करोड़ रुपये आय हुई थी। वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित आय 1525.76 करोड़ थी, जबकि 31 जनवरी 26 तक वास्तविक आय 1273.18 करोड़ रुपये आय हुई। मूल बजट 2026-27 में 1831.75 करोड़ रुपये आय प्रस्तावित की गई। उधर, नगर निगम ने वर्ष 2024-25 में वास्तविक खर्च 1213.21 करोड़ रुपये किए। वर्ष 2025 26 में प्रस्तावित व्यय 1525.67 करोड़ थे, लेकिन 31 जनवरी 26 तक वास्तविक व्यय 1273.18 करोड़ रुपये हुए अब मूल बजट 2026-27 में प्रस्तावित व्यय 1831.75 करोड़ रुपये हैं। पार्षद कहकशां ने प्रश्न किया कि बजट में किस किस मद में कितना कितना अनुदान मिला और वह कहां-कहां कितना धन खर्च किया गया, इसका कोई जिक्र क्यों नहीं है? इस बात को वित्त एवं लेखाधिकारी ने यह कहते हुए टाल दिया कि बजट प्रस्तावित होता है। इसमें इतनी डिटेल नहीं दी जाती। यदि कोई पार्षद इसकी जानकारी चाहेगा तो जानकारी बाद में दे दी जाएगी। पार्षद संजय सैनी ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कैंप कार्यालय के विस्तार पर हुए खर्च के बारे में पूछा कि यह किस मद में कराया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि धारा 117 – 6 बी क्या है।
चीफ इंजीनियर पीके सिंह ने बताया कि इस धारा में प्रशासनिक अधिकारी को यह गुणदोष के आधार पर खर्च करने का अधिकार होता है कि किसी अफसर को कार्य तत्काल कराने के आदेश दे सकता है। कैंप कार्यालय का कार्य किसी मद में हुआ। भारतीय संविधान में कंपनीज एक्ट 2013 है जिसमें जिन कंपनियों की नेटवर्थ 500 करोड़ से ज्यादा है, या टर्नओवर 1000 करोड़ से अधिक है तो वे अपनी आय का दो प्रतिशत सीएसआर कारपोरेट सर्विस रेस्पोंसबिल्टीज में लगानी होगी। सीएसआर फंड से हमने निःशुल्क वर्दियां दिलवाई हैं। मार्ग प्रकाश के कर्मियों को जैकेट दिलवाई। इसी फंड से कैंप कार्यालय में निर्माण कार्य किए गए। इसमें 25 से 30 लाख रुपये संबंधित बैंक ने खर्च किया है। संजय सैनी कान्हा उपवन में हर माह कितने गोवंश की मृत्यु हो रही है और उनका संस्कार कैसे किया जाता है? अपर नगरायुक्त पंकज कुमार जवाब दिया कि महीनेवार गोवंश की मृत्यु का रिकार्ड नहीं है, लेकिन हर गोवंश की मृत्यु को पशु चिकित्सकों के रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। यह कार्य सीवीओ द्वारा किया जाता है जहां कारकस प्लांट बन रहा है वहां गोवंश, कुत्ते, घोड़े व अन्य पशुओं को दबाया जाता है। करीब ढाई घंटे की चर्चा के बाद पार्षद संदीप कुमार रेवड़ी ने बजट को पास कहा। इसपर पार्षद संजीव गोयल व अन्य पार्षदों ने भी पास-पास बोल दिया। महापौर ने बजट पर चर्चा को विराम लगाने को कहा।
795 करोड़ खर्च नहीं कर पाया निगम
वित्तीय वर्ष 2025-26 का लगभग अंत हो गया। महानगर में समस्याएं बरकरार है, नगर निगम के खाते में 795 करोड़ रुपये पड़े हैं। इस धनराशि को निगम खर्च नहीं कर पाया। इस धनराशि से कई बड़े विकास कार्य हो सकते थे। इस संबंध में जब मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जब से नगर निगम बना है तब से जो डिपोजिट होता है, ब्याज है, निगम निधि के स्त्रोत हैं, जैसे गृहकर आदि उसका बैलेंस हर वर्ष रहता है, यह वर्ष के अंत में अंतिम अवशेष होता है औ के शुरू में प्रारंभिक अवशेष होता है।
पार्षद ने लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पार्षद संजय सैनी ने बजट में नजारत की मद में तीन करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित होने को लेकर एतराज जताया। उन्होंने नजारत में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। इसका बजट एक करोड़ रुपये करने का आग्रह सदन से किया। एफसी ने नजारत के खर्च बहुत होने की बात कही। पार्षद संजीव गोयल ने दो करोड़ रुपये बजट करने को कहा। महापौर ने दो करोड़ करने के निर्देश दिए। इसपर नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने भी निर्देशित किया।
ये हैं बजट की खास बातें
10 करोड़ से होगा पाकों के सौदर्यीकरण
122 किमी सड़कों मेन रोड व बाजारों में होगी सुबह शाम सफाई।
नई स्ट्रीट लाइटें, मरम्मत पर खर्च होंगे दो करोड़ रुपये।
100 करोड़ रुपये से सीएम ग्रिड की सड़कें बनेंगी।
130 करोड़ रुपये से बनेंगी अन्य सड़कें।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मशीनीकरण पर 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उपवन योजना का बजट तीन करोड़ बढ़ाकर आठ करोड़ किया गया।
25 करोड़ से बनेगी कान्हा मॉडल गोशाला।
स्मार्ट सिटी योजना पर खर्च किए जाएंगे 60 करोड़ रुपये।
स्वच्छ भारत मिशन पर 10 करोड़ की वृद्धि कर 25 करोड़ का बजट किया।
आय बढ़ाने पर जोर
विज्ञापन पर कर की मद में दो करोड़ बढ़ाते हुए आठ करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई। टेंडरों से होने वाली आए को दोगुना करते हुए चार करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया। गृहकर वसूली में 10 करोड़ की वृद्धि करते हुए 120 करोड़ रुपये वसूली प्रस्तावित की गई।
संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन व म्यूटेशन से होने वाली आय को पांच करोड़ से घटाकर तीन करोड़ प्रस्तावित किया।
