Tuesday, March 31

आनंद विहार, गाजियाबाद रूट की बसों का किराया कम करने को मंथन

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मेरठ 31 मार्च (प्र)। दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम के बीच देश की प्रथम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की नमो भारत के संचालन मेरठ कोशांबी यानी आनंद विहार और मेरठ गाजियाबाद रूट की बसों की आय बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आय बढ़ाने के लिए यूपी रोडवेज के आला अधिकारी इन रूटों की बसों का किराया कम करने को लेकर मंथन कर रहे हैं।

दरअसल, गत 22 फरवरी को दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम तक के देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम संपूर्ण कॉरिडोर पर सेमी हाईस्पीड ट्रेन नमो भारत के संचालन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। उसी दिन शाम छह बजे से उक्त कॉरिडोर पर आम जनता के लिए नमो भारत का संचालन शुरू हो गया था। एक घंटे से कम समय में मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां पहुंचाने वाली नमो भारत यात्रियों को बेहद पसंद हा रही है। यह ट्रेन यात्रियों से भरकर दौड़ रही है। खास बात है कि नमो भारत का मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दीनगर, मेरठ साउथ, मोदीनगर में दो स्टेशन हैं, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर, गाजियाबाद, साहिबाबाद, न्यू अशोक नगर और सराय काले खां स्टेशन हैं। यह रूट मेरठ दिल्ली का पुराना सड़क मार्ग एनएच-58 है जिसे दिल्ली रोड के नाम से जाना जाता है। इस रोड पर यूपी रोडवेज की मेरठ, सहारनपुर, क्षेत्र की सैकड़ों अनुबंधत बसें मेरठ गाजियाबाद, मेरठ आनंद विहार रूट पर संचालित होती हैं।

इसके अलावा दिल्ली के आईएसबीटी कशमीरी गेट बस अड्डे तक मेरठ क्षेत्र सहारनपुर क्षेत्र, मुरादाबाद क्षेत्र के बिजनौर व नजीबाबाद डिपो की निगम की बसों का संचालन होता है। ये बसें दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हरिद्वार, दिल्ली से ऋषिकेश, दिल्ली कोटद्वार, दिल्ली नजीबाबाद, दिल्ली बिजनौर, दिल्ली चांदपुर, दिल्ली धामपुर रूट पर संचालित की जाती है। इन बसों में रोजाना हजारों यात्री मेरठ से दिल्ली के लिए और दिल्ली से मेरठ का सफर करते थे, लेकिन नमो भारत का संचालन शुरू होने से मेरठ आनंद विहार, मेरठ गाजियाबाद की रूट की अनुबंधित बसों में यात्रियों की संख्या गिर कर आधी रह गई, जबकि निगम की बसों में भी मेरठ के यात्री कम हो रहे हैं।

आय लुड़कने पर उक्त रूट पर अनुबंधित बसों के फेरे कम किए गए और उन्हें दूसरे रूट पर अधिक चलाया जा रहा है। अब जो बसें संचालित हैं, उनके सामने कम आय चिंता का विषय बना है यूपी रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय को इस संबंध में अवगत कराया। उन्होंने उक्त रूटों की अनुबंधित बसों का किराया कम करने का आग्रह किया। अब मुख्यालय में इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। किराया कम होने पर ही इन रूटों की अनुबंधित बसों की आय बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

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