Tuesday, March 31

एसडीएम के नाम पर रिश्वत लेते ड्राइवर गिरफ्तार

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बागपत/खेकड़ा, 31 मार्च, (अम)। मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम खेकड़ा निकेत वर्मा के निजी ड्राइवर को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कुर्रेबंदी का मुकदमा पक्ष में कराने के लिए रिश्वत ली थी। टीम ने आरोपी को खेकड़ा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। टीम इंचार्ज ने ड्राइवर के खिलाफ तहरीर दी है। गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्की नंबरदार भगौट गांव के रहने वाले हैं। एसडीएम की अदालत में उनका 2021 से कुर्रेबंदी का मुकदमा चल रहा है। अक्की ने कहा कि कुर्रेबंदी से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जा चुका है फिर भी फैसले में देरी हो रही है। दो सप्ताह पहले एसडीएम के निजी ड्राइवर निशु त्यागी ने उनसे संपर्क कर दो लाख रुपये में मुकदमे का फैसला उनके पक्ष में कराने को कहा। इसके बाद एक लाख में सौदा तय हो गया। अक्की ने मेरठ एंटी करप्शन टीम को सूचना दी।
गत दिवस एंटी करप्शन टीम ने अक्की को पाउडर लगे एक लाख रुपये दिए। अक्की ने तहसील पहुंचकर जैसे ही रुपये ड्राइवर निशु त्यागी को दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच कर रुपये कब्जे में ले लिए और टीम निशु को लेकर खेकड़ा कोतवाली पहुंची और पूछताछ की।
निशु को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद निजी ड्राइवर की नियुक्ति और एसडीएम की मंसा पर सवालिया निशान लग गया है। दरअसल पकड़ा गया निजी ड्राइवर निशु त्यागी नगर पालिका खेकड़ा का आउटसोर्स सफाई कर्मचारी है। इसे किसके आदेश पर एसडीएम की गाड़ी पर ड्राइवर नियुक्त किया गया, इसकी जांच शुरू हो गई है। खेकड़ा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी हरिलाल पटेल का कहना है कि पकड़ा गया आरोपी नगर पालिका का संविदा कर्मचारी नहीं है बल्कि आउटसोर्स कर्मचारी है। लम्बे समय से काम पर नहीं आने के चलते दिसंबर माह में उसे हटा दिया गया था। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि घूस लेते पकड़े गए आरोपी की पत्नी भी रटोल नगर पंचायत में सफाई कर्मचारी है।
निशु त्यागी पर एसडीएम का निजी ड्राइवर बनने के बाद से रिश्वत लेने के आरोप लगते रहे हैं। उच्चाधिकारियों से शिकायत भी होती रही है। गत वर्ष हसनपुर मसूरी गांव के रविंद्र की जेसीबी पकड़े जाने के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। तब हसनपुर मसूरी गांव के लोगों ने 22 सितंबर 2025 को तहसील पर निशु त्यागी के खिलाफ धरना दिया था। उनका आरोप था कि निशु त्यागी जेसीबी को छोड़ने के नाम पर 50 हजार रुपये मांग रहा है। एसडीएम ने धरने के बाद भी उसे नौकरी से नहीं हटाया था। घटना के बाद पीड़ित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह इस प्रकरण में एसडीएम का भी नाम ले रहा हैै।

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