Thursday, April 2

डोमिनोज पिज्जा स्टोर मैनेजर को रोडवेज बस ने कुचला

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मेरठ 02 अप्रैल (प्र)। नाइट ड्यूटी कर लौट रहे डोमिनोज पिज्जा स्टोर मैनेजर को तेज गति रोडवेज बस ने कुचल दिया। बस के दोनों पहिये मैनेजर के सीने के ऊपर से उतर गए, लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। मैनेजर दस मीटर तक बाइक के साथ घिसटते चले गए। शापरिक्स माल चौकी के पुलिसकर्मी घायल को जिला अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है।

शास्त्रीनगर में के ब्लाक निवासी यशपाल राणा के बड़े बेटे 40 वर्षीय विकास गाजियाबाद के मोदीनगर में डोमिनोज पिज्जा स्टोर पर मैनेजर थे। मंगलवार रात की ड्यूटी कर वह बुधवार सुबह चार बजे मोदीनगर से बाइक पर घर के लिए चले थे। दिल्ली रोड पर शापरिक्स माल से बिजली बंबा बाईपास की तरफ मुड़ते समय दिल्ली की ओर जा रही रोडवेज बस ने उन्हें कुचल दिया। बस के पहिये उनके सीने से उतरने गए और वह बाइक के साथ घिसटते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की गति करीब सौ किमी प्रतिघंटा थी। हादसे के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी दौड़े और विकास को जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विकास के मोबाइल से पुलिस ने अंतिम डायल नंबर पर काल की काल उनकी पत्नी श्वेता ने रिसीव की। इसके बाद श्वेता और अन्य स्वजन जिला अस्पताल पहुंचे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता यशपाल की तरफ से अज्ञात रोडवेज बस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सीसीटीवी फुटेज से सामने आया कि बस की गति अधिक थी।

सिस्टम की लापरवाही से गई विकास की जान
सिस्टम की लापरवाही ने एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। बिजली बंबा बाईपास की तरफ मुड़ते हुए जिस जगह दुर्घटना हुई, वहां न तो स्पीड ब्रेकर था, न ही वाहनों की गति कम करने के लिए बैरिकेडिंग, जबकि शापरिक्स माल चौराहा हादसों का केंद्र है। बुधवार सुबह सड़क हादसे में हुई विकास राणा की मौत का जिम्मेदार सिर्फ रोडवेज बस का चालक नहीं है… एनएचएआइ नगर निगम और यातायात पुलिस के वह अधिकारी भी हैं, जिन पर यहां स्पीड ब्रेकर बनाने का जिम्मा है। हालांकि एसपी यातायात दावा कर रहे हैं कि ब्रेकर के लिए निगम व एनएचएआइ को पत्र लिखा था, यानि सिर्फ पत्र लिखने से उनका कार्य पूरा हो गया। अगर शापरिक्स पर गति अवरोधक होता तो विकास की जान बच सकती थी।

दिल्ली रोड पर रात को तेज रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं, इस कारण यहां कई हादसे हो चुके हैं।शापरिक्स माल चौराहे पर कट से दिल्ली से आने वाले वाहन तेज गति में बिजली बंबा बाईपास की तरफ मुड़ते हैं। इससे कई बार हादसा होने से बच चुका है, लेकिन पुलिस जानकर भी अंजान बनी हुई है।

40 की स्पीड गति सीमा, 100 की गति से दौड़ रही थी बस
दिल्ली रोड पर वाहनों की गति 40 किमी प्रतिघंटा तय है, लेकिन रोडवेज की बस सुबह साढ़े चार बजे सौ की गति से दौड़ रही थी। उस समय सड़क पर इक्का-दुक्का वाहन ही था। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि शापरिक्स माल के ट पर भी चालक ने बस की गति कम नहीं की। तेज रफ्तार से आ रही बस को देखकर विकास राणा ने दो बार बाइक के ब्रेक भी लगाए थे। उसके बाद भी बस ने बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद भी चालक ने न बस रोकी, न ही गति कम की। अगर चालक समय से विकास राणा को अस्पताल पहुंचा देता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

स्ट्रेचर पर पति के शव को देखकर कराह उठी श्वेता
हादसे की खबर सुनकर श्वेता राणा परिवार को उठाने के लिए दौड़ी। जब स्वजन अस्पताल पहुंचे तो स्ट्रेचर पर विकास राणा का शव पड़ा था। शव को देखते ही वहां मौजूद लोगों से पूछने लगी यह कैसे हो गया? हादसे के डर से विकास हमेशा घर से हेलमेट लेकर चलता था। यातायात के नियमों का पालन करता था। फिर रोडवेज की बस उसे कैसे मार सकती है?

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सीसीटीवी के आधार पर हादसा करने वाली बस का पता किया जा रहा है। जल्द बस कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।

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