Thursday, April 2

निजी हाथों में होगी महानगर की साफ-सफाई व्यवस्था

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मेरठ 02 अप्रैल (प्र)। महानगर के अधिकांश भाग में नगर निगम सफाई व्यवस्था प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी कर रहा है। कूड़ा कलेक्शन के लिए बीवीजी का अनुबंध बढ़ाने के साथ-साथ 122 किमी सड़कों की सफाई का ठेका भी छोड़ने की तैयारी नगर निगम में चल रही है। दरअसल, महानगर में कुल 90 वार्ड हैं और आबादी लगभग 25 लाख है। महानगर की सफाई का जिम्मा करीब तीन हजार सफाईकर्मी के कांधे पर है, इनमें करीब हजार आउटसोर्सिंग के सफाईकर्मी हैं।

महानगर के 73 वाडों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य बीवीजी कंपनी को सौंपा था। इस अनुबंध के तहत कंपनी को अपने स्टाफ लगाकर करीब ढाई लाख घरों, दुकानों, कारखानों, आफिस आदि से कूड़ा लेना था। नगर निगम को हर माह ढाई करोड़ रुपये कंपनी को भुगतान करना तय था। साथ ही नगर निगम पर आर्थिक बोझ न पड़े इसके लिए कंपनी को हर माह जहां जहां से कूड़ा कलेक्शन कर रहे हैं, उन लोगों से यूजर चार्ज वसूलकर नगर निगम के एकाउंट में जमा करना था। इसके लिए कंपनी को 60 प्रतिशत संपत्तियों से हर हाल में यूजर चार्ज वसूलने का लक्ष्य था, लेकिन कंपनी ने एक तो निर्धारित लक्ष्य की संपत्तियों से कूड़ा कलेक्शन नहीं किया। इसके लिए दलित व मलिन 30 रुपये तथा अन्य से 80 रुपये प्रति माह वसूलने थे, लेकिन कंपनी ने लोगों से अनाप शनाप वसूली की और नगर निगम के खाते में मात्र 15 प्रतिशत यूजर चार्ज का पैसा जमा किया।

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न होने पर लोगों ने गली मोहल्लों की सड़कों पर कूड़ा डालना जारी रखा, जिससे कूड़े की समस्या जस की तस रही और लोग बराबर नगर निगम में शिकायतें करते हैं। इस कंपनी की शिकायत आम आदमी से लेकर पार्षदों द्वारा अनेक बार की गई। नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी की बैठक में कई बार हंगामा हुआ।

नगरायुक्त द्वारा इस कंपनी का ठेका सस्पेंड कर दिया था, बाद में कुछ मोहलत देकर उक्त कंपनी को दोबारा काम करने का मौका दे दिया। अब कंपनी का ठेका बढ़ाने की तैयारी नगर निगम कर रहा है। गत वर्ष डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का व्यय तीन करोड़ रुपये प्रस्तावित था, लेकिन 5.47 करोड़ रुपये खर्च हुआ। इस वर्ष पांच करोड़ रुपये बजट रखा गया है। गत वर्ष आउट सोर्सिंग सफाईकर्मियों का बजट 55 करोड़ रुपये था। जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया। उधर, 122 किलोमीटर मेन रोड व बाजारों की सफाई का कार्य भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह नगर निगम में महानगर के नालों की सफाई का ठेका देने पर मंथन चल रहा है।

स्थाई सफाईकर्मियों की भर्ती हो: विनेश
नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनेश मनोठिया का कहना है कि आउटसोर्सिग कर्मियों की गेब्यूटी और पेंशन आदि की व्यवस्था नहीं होती। उनका संगठन लगाते स्थाई सफाईकर्मियों की भर्ती की मांग करता आ रहा है। जब तक स्थाई भर्ती नहीं होती, तब तक संविदा पर नगर निगम कर्मचारियों को रखे और स्वयं मानक के अनुसार भुगतान करे।

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