Saturday, April 11

सेहत से खिलवाड़ः दाल-मसालों में सोडियम डाइक्रोमेट की मिलावट

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मेरठ 07 अप्रैल (प्र)। आपकी थाली का खाना कितना सुरक्षित है, यह अहम सवाल है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से 2025-26 में लिए गए नमूनों की रिपोर्ट बड़ी संख्या में असुरक्षित पाई गई है। पीली दाल, पनीर, मसालों में सबसे अधिक मिलावट की जा रही है। दाल-मसालों में सोडियम डाइक्रोमेट और मेटानिल येलो मिलाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। बेकरी के प्रोडक्ट में विभिन्न तरह के कलर मिलाए जा रहे हैं।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि 2025-26 में शहर में 4189 स्थानों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर छापेमारी की। कुल 1104 नमूने लिए गए, 937 की रिपोर्ट आ चुकी है। जिसमें से 429 अधोमानक पाए गए। यानि इनमें मिलावट तो है, लेकिन सेहत को कम नुकसान देंगे 34 मिस ब्रांड मिले, यानि ब्रांड का नाम कुछ और बनाया कुछ और जा रहा था। 63 नमूने अनसेफ मिले, यानि यह वह पदार्थ है, जो इंसान की जान तक ले सकते हैं। 429 बाद एडीएम सिटी कोर्ट में बाद दायर किए गए, 63 बाद एसीजेएम कोर्ट में दायर किए गए हैं। कोर्ट ने अभी तक 503 मामलों में ही पांच करोड़ 60 लाख का जुर्माना लगाया है।

ऐसे करें पहचान
आरजी कालेज की फूड साइंस एंड क्वालिटी लैब की समन्वय डा. दीक्षा यर्जुवेदी का कहना है कि मेटानिल येलो एक कृत्रिम पीला रंग है, जिसका उपयोग अक्सर हल्दी, दाल, बेसन में मिलावट के तौर पर किया जाता है। मिलावट का पता करने के लिए तीनों खाद्य पदार्थों से थोड़ा-थोड़ा आइटम लें। इसमें थोड़ा पानी मिलाकर घोलें। इस घोल में कुछ बूंदें सिरका डाले। यदि घोल का रंग बैंगनी या मैजेंटा हो जाता है तो साफ है कि मेटानिल येलो मौजूद है।

सोडियम डाइक्रोमेट हल्दी, पीली दाल, मूंग, मसूर की दाल, देसी घी समेत कई खाद्य पदार्थों को चमकीला पीला, नारंगी रंग देने के लिए मिलाया जाता है। पहचान के लिए खाद्य पदार्थ को गर्म पानी में घोलें। इसमें बेरियम क्लोराइड का घोल डालें। यदि घोल पीला बनता है तो खाद्य पदार्थ में सोडियम डाइक्रोमेट मिलाया गया है।

इनमें सबसे अधिक मिलावट
लाल मिर्च पीली दाल, पनीर, घी, पिसा हुआ धनिया, हल्दी, बेकरी के प्रोडक्ट आदि में केमिकल और रंगों की मिलावट की जा रही है। देसी घी को हल्का पीला दिखाने के लिए पीला कलर मिलाया जा रहा है। मिठाइयों में भी हानिकारक कलर पाया गया है। नानवेज खाने में भी कलर का अत्यधिक प्रयोग मिला है।

वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही का कहना है कि सोडियम डाइक्रोमेट और मेटानिल येलो हैवी मेटल होते है। यह दाल, मसालों में चमक बढ़ाते हैं, जिससे ग्राहकों को दाल मसाले पसंद आए। यह लिवर और किडनी को खराब करते हैं। लंबे समय तक खाने पर दिमाग और रीढ़ की हड्डी को कमजोर करते हैं। साथ ही शरीर का हीमोग्लोबिन भी कम करते हैं। स्किन और थायराइड की समस्या भी पैदा करते हैं। कभी कभी कैंसर का भी कारण बनते हैं। ,

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