Monday, April 13

एनएच-58 को 6 लेन करने की तैयारी, 3500 करोड़ से संवरेगा, 3 माह में फाइनल होगी डीपीआर

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मेरठ 13 अप्रैल (प्र)। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) के कायाकल्प की योजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। एनएचएआई द्वारा इस हाईवे को 6 लेन करने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कंसल्टेंसी कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआई की टीम ने स्थलीय निरीक्षण पूरा कर लिया है। माना जा रहा कि अगले तीन महीनों के भीतर डीपीआर फाइनल होने के साथ ही निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।

परतापुर बाईपास से मुजफ्फरनगर बाईपास तक लगभग 80 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के चौड़ीकरण पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में हाईवे के दोनों ओर विकसित होती कॉलोनियों और बढ़ते शहरीकरण के कारण यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। अनधिकृत कट और भारी वाहनों की संख्या के चलते यह मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार परतापुर से मुजफ्फरनगर के बीच ऐसे 22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं जहां अक्सर जाम लगता है। इन स्थानों को जाम मुक्त करने के लिए अंडरपास बनाने की तैयारी है।

जनवरी में सौंपी गई थी सर्वे रिपोर्ट
सरकार ने एनएच-58 के चौड़ीकरण के लिए सर्वे की जिम्मेदारी कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया को सौंपी थी। कंपनी ने जनवरी 2026 में अपनी एलाइनमेंट सर्वे रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी थी।

एनएचएआई का इन प्रमुख निर्माणों पर चल रहा मंथन
सुभारती विश्वविद्यालय (मेरठ)

सामने लगभग 3.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड
खड़ौली भोला रोड रजबहा
यहां 3.3 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव द्य
मंसूरपुर मार्केट एरिया
1.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड।
सर्विस रोड
हाईवे के दोनों तरफ 7.5- 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जाएगी।

एफपी इंडिया परियोजना प्रमुख रामपाल सिंह सैनी का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट पर एनएचएआई अपनी तरफ से गहन जांच कर रहा है। तीन दिन पहले ही विभाग की टीम ने पूरे एनएच-58 का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। अब रिपोर्ट को अंतिम स्वरूप दिया जा रहा है

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