मेरठ 13 अप्रैल (प्र)। बिजली तार चोर गिरोह का सरगना 20 साल तक अपने दूसरे बाप के नाम के सहारे पुलिस की आंख में धूल झोंकता रहा। डीआईजी ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद स्वॉट टीम ने सरगना को हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव नंगला चांद में ननिहाल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में मामले की जानकारी दी।
एसपी क्राइम ने बताया कि जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर निवासी बल्लू उर्फ तिलकराम बिजली तार चोर का सरगना है। बल्लू पर विद्युत तार चोरी के चार मुकदमें वर्ष 2004 में किठौर व मवाना थाने पर दर्ज हुए। इन मुकदमों में जमानत मिलने के बाद व जेल से बाहर आ गया था, लेकिन 2007 में किठौर थाना पुलिस ने उस पर गैंगस्टर लगा दी। इसके बाद से बबलू उर्फ तिलकराम फरार चल रहा था। पिछले दिनों डीआइजी रेंज कलानिधि नैथानी पर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। एसएसपी अविनाश पांडेय ने उसकी गिरफ्तार के निर्देश स्वॉट टीम को दिए। जिस पर बल्लू उर्फ तिलकराम को स्वॉट टीम के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ के नेतृत्व में टीम ने 50 हजार रुपये के इनाम बब्लू उर्फ तिलकराम को बिजनौर के थाना बढ़ापुर क्षेत्र के गांव नंगला चांद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
पुलिस से ऐसे छिपता रहा बल्लू
एसपी क्राइम अविनाश कुमार ने बताया कि बल्लू उर्फ तिलकराम के पहले पिता का नाम रमेश निवासी अनूपनगर थाना बढ़ापुर, जनपद बिजनौर है। रमेश से बल्लू उर्फ तिलकराम के आलवा उसकी दो बहनें पैदा हुई। शादी के 7 साल बाद यानी जब बल्लू महज 5-6 साल का था तो उसके पिता रमेश पागल होने के कारण घर छोड़कर चले गए। इसके बाद बल्लू उर्फ तिलकराम की मा अपने मायके हस्तिनापुर के गांव नगला चांद में आकर रहने लगी थी। इसके बाद उसकी शादी उसके भाई ने जनपद बुलंदशहर की नई बस्ती खुर्जा निवासी छत्तर सिंह से कर दी, लेकिन कुछ सालों बाद छत्तर सिंह की भी मृत्यु हो गई। छतर सिंह की मृत्यु के बाद बल्लू उर्फ तिलकराम फिर से बिजनौर के अनूपनगर में आकर रहने लगा। यहां वह बल्लू उर्फ तिलकराम पुत्र रमेश के नाम से रह रहा था। अपराध से तौबा कर ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
गैंग के साथी ने ही कराया गिरफ्तार
पुलिस को 20 सालों तक छकाने वाला बल्लू उर्फ तिलकराम स्वॉट टीम के हत्थे नहीं चढ़ता अगर उसको उसके गैंग का ही साथी धोखा न देता बल्लू उर्फ तिलकराम के गैंग में किठौर थाना क्षेत्र गांव शाहजहांपुर निवासी कृष्णपाल पुत्र रेवती गुड्डू पुत्र देवीशरण उर्फ गीड़ तथा हस्तिनापुर थाना क्षेत्र गांव नगला चांद निव्वसी चरणसिंह पुत्र बलजीत व ओमपाल पुत्र दीवान सिंह शामिल थे। बल्लू कुछ दिन पहले अपनी ननिहाल गांव नंगला चांद आया। इस दौरान उसकी अपने पुराने साथी चरणसिंह व ओमपाल से मुलाकात हुई। इस दौरान उसने साथियों से अपनी फरारी का रहस्य बता दिया। बल्लू उर्फ तिलकराम फिर से जब ननिहाल गांव नगला चांद पहुंचा तो स्वॉट टीम के हत्थे चढ़ गया।
