प्रयागराज, 16 अप्रैल (ता)। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फुल कोर्ट फेयरवेल में न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव को भावभीनी विदाई दी गई। मुख्य न्यायाधीश के न्याय कक्ष में आयोजित विदाई समारोह में मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली सहित अन्य न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों व बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव को विदाई दी।
इससे पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के ऐतिहासिक लाइब्रेरी हाल में भी गत दिवस न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने कहा कि अपनों के बीच आकर ऐसा कभी नहीं महसूस हुआ कि वह एक न्यायाधीश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिन पूर्व इसी ऐतिहासिक लाइब्रेरी हाल में उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व इसी ऐतिहासिक लाइब्रेरी हाल में मैंने कुछ बोला था। और जो मैंने बोला था वह गलत नहीं था। मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि कुछ लोगों ने मुझे दबाने की कोशिश की, लेकिन मैं विचलित नहीं हुआ। यह आप सभी अधिवक्ताओं की ओर से प्राप्त अभूतपूर्व सहयोग का परिणाम रहा। यह बात न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विदाई कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे ने की। संचालन महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने किया। अध्यक्ष राकेश पांडे ने कहा कि न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव अधिवक्ताओं, विशेषकर कनिष्ठ वकीलों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे हैं। आप सह्दय और स्पष्टवादी हैं। ऐसे गुण उच्च पद पर विरले ही देखने को मिलते हैं।
महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव का कार्यकाल न्यायप्रियता और निष्पक्षता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि उनके निर्णयों में केवल आदेश नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी निहित रहता था। उन्होंने न्यायमूर्ति के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष केके द्विवेदी, उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह (सोनू), विवेक मिश्र, राज कुमार त्रिपाठी, हनुमान प्रसाद मिश्र, दिनेश वरुण, संयुक्त सचिव बैरिस्टर सिंह, शशि कुमार द्विवेदी, रामेश्वर दत्त पांडे, कोषाध्यक्ष अंजनी कुमार मिश्र सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव हुआ विदाई समारोह
Share.
