Friday, April 17

सीबीएसई की दसवीं परीक्षा पास छात्रा ने फेल की सूचना मिलने पर खाया जहर, पांच करोड़ का मुआवजा और एक को दी जाए नौकरी

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बच्चों को साक्षर बनाने के नाम पर स्कूल संचालकों द्वारा मोटी फीस विभिन्न नामों पर लेकर अभिभावकों के उत्पीड़न के अनेकों किस्से पढ़ने सुनने को मिलते हैं लेकिन गोरखपुर के सहजनवां इलाके में गत मंगलवार को एक छात्रा ने फेल होने की सूचना मिलने पर जहर खा लिया। बाद में पता चला कि वह पास थी। तब उसने परिजनों को जहर खाने की बात बताई जिसे तुरंत सीएचसी लेकर गए जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। खबर के अनुसार दसवीं की छात्रा नगर पंचायत के स्कूल में पढ़ती थी। स्कूल संचालकों या शिक्षकों में से किसी की गलती से तो उसकी जान गई। इस खबर को पढ़कर नागरिकों का कहना था कि जब बच्चे को सस्ती शिक्षा दिलाने के लिए प्रयासरत सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले में संचालित प्राइवेट स्कूलों में इतनी बड़ी लापरवाही चल रही है तो यह कह सकते हैं कि स्कूल संचालक और शिक्षक निरंकुश है वरना पास छात्रा को फेल की सूचना उजागर नहीं होती और उसे जहर खाकर जान नहीं देनी पड़ती। कितने ही नागरिकों का कहना है कि यह घटना मामूली नहीं है। सरकार इसकी जांच कराकर दोषियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजे। और छात्रा के परिजनों को लगे आत्मिक दुख की भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल संचालक या दोषी शिक्षक की निजी संपत्ति से बच्ची के परिवार को पांच करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाए। क्योंकि जिस हिसाब से बच्चे काबिल बनकर परिवार को पाल रहे हैं उस हिसाब से यह बच्ची भी कोई बड़ा काम कर सकती थी। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर सीबीएसई संचालकों को भी ध्यान देना चाहिए कि लापरवाही बरतने वाले स्कूलों को बोर्ड की मान्यता ना दे।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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