
मेरठ 18 अप्रैल (प्र)। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में चल रहा धरना अब पुलिस और व्यापारियों के बीच तनातनी का कारण बनता जा रहा है। पुलिस ने व्यापारियों से धरना खत्म करने को कहा है, जबकि व्यापारियों का आरोप है कि धरना जारी रखने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। इससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
सेंट्रल मार्केट में प्रभावित व्यापारी और उनके परिजन पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी बैठी हुई हैं। पुलिस द्वारा धरना खत्म करने के लिए कहे जाने के बाद व्यापारियों में गुस्सा बढ़ गया। नाराज व्यापारी तिरंगा बाजार बंद कर धरनास्थल की ओर पहुंचने लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।
धरने पर बैठी महिलाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही आवास विकास मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इसी के साथ उन्होंने नारे लगाते हुए ही सरकार से न्याय की भी गुहार की। महिलाओं का कहना है कि वह रोजगार बंद कर चुकी हैं। अब अगर उनके मकान पर भी संकट आएगा तो उनकी आजीविका और उनका परिवार कैसे चलेगा।
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर बने व्यावसायिक भवनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित व्यापारी इस दौरान अवैध निर्माण के समय लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने कुछ लोगों को बीएनएसएस की धारा 168 के तहत नोटिस दिए हैं। इस धारा के तहत पुलिस को आशंका होने पर संभावित अपराध या शांति भंग की स्थिति को रोकने के लिए पहले से कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
सीलिंग के दौरान करीब 20 लोगों को नोटिस देकर पूछा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही कार्रवाई में बाधा डालने और लोगों को उकसाने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए।
पुलिस अधीक्षक सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित व्यापारी अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को नोटिस दिए जाएंगे जो व्यापारी नहीं हैं और लोगों को उकसाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति शांति भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
