बांदा 18 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मोबाइल फोन को ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल कर साइबर ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस ने इस गिरोह को साइबर ठगी की ‘मोबाइल फैक्ट्री’ के रूप में संचालित बताया है।
जानकारी के अनुसार, यह गिरोह गांव-गांव से पुराने और खराब मोबाइल फोन खरीदता था और उन्हें ठीक कर साइबर ठगों को सप्लाई करता था। इन मोबाइल्स का इस्तेमाल राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की घटनाओं में किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 88 मोबाइल फोन, 66 बैटरियां, 20 फर्जी बिल और 7 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से साइबर अपराधियों को मोबाइल उपकरण उपलब्ध कराकर ठगी के नेटवर्क को मजबूत कर रहा था।
इन नौ लोगों की हुई गिरफ्तारी
मुस्तकीम निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
अरमान निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
अनमोल निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
असलम निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
साहिल अली निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
सगीर निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
रेहान निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
आमिर निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
मुस्ताक रजा निवासी नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और पुराने मोबाइल को रिपेयर कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे और ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा सके।
इस पूरे मामले का खुलासा साइबर पुलिस और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और राज्यों में फैले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सस्ते के लालच में संदिग्ध मोबाइल फोन न खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
