मेरठ, 18 अप्रैल (प्र)। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक पूर्व-पश्चिम को जोड़ेगा। लंबे सफर में ड्राइवरों को नींद न आए और थकान न हो, इसके लिए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं। वाहन जब इन स्ट्रिप्स पर चढ़ेंगे तो कंपन पैदा होगा, जिससे चालक तुरंत सतर्क हो जाएगा। इससे थकान के कारण होने वाले दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
मेरठ से प्रयागराज के बीच कुल 15 टोल प्लाजा बनाए गए हैं। यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश के मुताबिक टोल प्लाजा पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं, साइनबोर्ड लगाए जा चुके हैं और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय है। एक्सप्रेसवे की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
गंगा एक्सप्रेसवे का रन ट्रायल पूरा कर लिया गया है। पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाले 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का सफर खूबियों से भरा होगा। जीरो रिस्क वाले इस लंबे सफर में वाहन चालकों को न नींद आएगी न थकान। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का हरदोई के सलेमपुर में लोकार्पण करेंगे।
इस एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवा, आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर और भोजनालय भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहनों के गुजरने पर कंपन पैदा करेंगी।
यहां से चार किमी दूर खड़खड़ी में पहला टोल भरना होगा। हालांकि इस एक्सप्रेसवे पर लगे टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। पूरे एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की नजर में है।
चप्पे-चप्पे पर कैमरों की निगरानी होगी। अगर कोई भी व्यक्ति यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या फिर वाहनों से स्टंट और आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो वह कैमरे में कैद हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर केवल वाहन ही नहीं दौड़ेंगे, बल्कि आपातकाल की स्थिति में लड़ाकू विमानों को भी उतारा जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे पर चार स्थानों पर विमानों के उतरने के लिए हवाई पट्टियां बनाई गई हैं। इनमें से शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किलोमीटर लंबी पट्टी तैयार की गई है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार की सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे रखी है।
गंगा एक्सप्रेसवे के बिजौली में मेरठ-हापुड़ सड़क पर बनाए गए इंटरचेंज के सभी मार्ग मिट्टी डालकर बंद किए गए हैं। जिनको उद्घाटन से एक दिन पहले ही मिट्टी हटाकर खोला जाएगा। इससे पहले एक्सप्रेसवे पर किसी को पैदल चलने या अपने वाहन दौड़ाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी वाहनों की गति 120 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी।
यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश मोगा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। सीसीटीवी कैमरे, पथ प्रकाश, हरियाली, टोल प्लाजा सभी सुविधाओं से एक्सप्रेसवे लैस हो गया है। उद्घाटन के बाद वाहन फर्राटे भरने लगेंगे।
मेरठ से प्रयागराज जाना होगा आसान, गंगा एक्सप्रेसवे रफ्तार भरने को तैयार
Share.
