मेरठ 23 अप्रैल (प्र)। मेरठ मेट्रो का पहला कॉरिडोर भूडबराल से मोदीपुरम तक यात्रियों को सेवा दे रहा है। जनता ने कॉरिडोर को हाथों हाथ लिया है। और भारी भीड़ उमड़ रही है। शायद इतनी भीड़ उमड़ने की उम्मीद कंपनी को भी नहीं थी। मेट्रो संचालन को दो माह पूरे होने के बाद अब मेट्रो के विस्तार की तैयारी शुरू हो गयी है। दूसरे चरण में मेट्रो बेगमपुल से हापुड़ अड्डा होते हुए काली नदी गोकुलपुर तक दौड़ेगी। पहले इसका एलाइनमेंट श्रद्धापुरी से बेगमपुल होते हुए गोकुलपुर तक था, उसे बदल दिया गया है। अब नया एलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है और उसकी हिसाब से डीपीआर बनाने की तैयारी चल रही है।
वर्तमान में गढ़ रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों में मेट्रो कॉरिडोर का विशेष ध्यान रखा गया है। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण में डिवाइडर को छह चौड़ा बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में मेट्रो पिलर आसानी से स्थापित किए जा सकें। कलवर्ट में भी मेट्रो केवल के लिए अतिरिक्त जगह छोड़ी गई है। पहले राइट्स लिमिटेड ने दो कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की थी। पहला कॉरिडोर परतापुर से बेगमपुल होते हुए पल्लवपुरम फेज-वन तक था। दूसरा श्रद्धापुरी फेस टू से हापुड़ अड्डा चौराहा होते हुए गोकुलपुर गांव तक प्रस्तावित था। पहले कॉरिडोर पर रीजनल रैपिड रेल के साथ मेट्रो का दो माह से संचालन हो रहा है जो काफी सफल रहा है। इस कॉरिडोर पर काफी भीड़ उमड़ रही है। एक ही पटरी पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो चल रही है।
सांसद ने भी उठाई दूसरे कॉरिडोर की मांग
सांसद अरुण गोविल कुछ समय पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे और उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष दूसरे कॉरिडोर की मांग रखी। उन्होंने फुटबाल चौक से बागपत रोड फ्लाईओवर तक तीसरे कोरिडोर का भी प्रस्ताव रखा। हालांकि तीसरे कॉरिडोर को विवि से गंगानगर होते हुए बेगमुपल तक जाना बताया गया। पर यह अभी फाइनल नहीं है। पहले दूसरे कॉरिडोर का एलाइनमेंट श्रद्धापुरी से बेगमुपल, हापुड़ अड्डा होते हुए गोकुलपुर तक तय किया गया था। यह कॉरिडोर करीब पंद्रह किमी बैठता है, लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया। अब दूसरा कॉरिडोर श्रद्धापुरी की जगह बेगमपुल से गोकुलपुर या उससे आगे तक होगा। इसके लिए डीपीआर बनाने की तैयार चल रही है।
इस तरह होगा दूसरा कॉरिडोर
दूसरे कॉरिडोर करीब दस किमी का होगा। इसमें एलिवेटेड छह किमी और बाकी अंडरग्राउंड होगा। इस पर आठ स्टेशन होंगे। ये एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों होंगे। नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए तैयारी चल रही है।
