मेरठ 23 अप्रैल (प्र)। सऊदी अरब ने हज 2026 के तहत मक्का में प्रवेश को लेकर सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं। अब विना आधिकारिक हज परमिट प्रवेश पूरी तरह रोका गया है।
साथ ही उमराह बीजा अस्थायी रूप से निलबित कर दिए गए हैं। हज यात्रियों को अधिक सुविधा देने के लिए हरम शरीफ में फोटोग्राफी करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। जो कोई जबरन हरम में फोटोग्राफी कर दूसरे हज यात्रियों के लिए मुसीबतें बढ़ायेगा, उससे दस हजार रियाल मौके पर ही जुर्माना वसूला जायेगा। इसके साथ ही इस साल भी बीस दिन के मिनी हज का विशेष पैकेज दिया गया है।
सऊदी अरब ने हज 2026 की तैयारियों के तहत बड़े और सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक यह फैसला हज और उमराह मंत्रालय और सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों के तहत लिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आने वाले हफ्तों में लाखों तीर्थयात्रियों के आगे की उम्मीद हैं और किंगडम भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रणालियों को बढ़ा रहा है। इसके साथ ही सऊदी अरब सरकार ने इस साल हज 2026 के लिए सुरक्षा और अनुशासन के तौर पर कुछसख्त नियम लागू किए हैं। मस्जिद अल-हरम के अंदर बाहर या तवाफ के दौरान किसी भी तरह की फोटोग्राफी या वीडियो लेना सख्त मना है। अगर कोई हज यात्री (पुरुष या महिला) इस नियम को तोड़ते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और 10,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर आपने फोटोग्राफी का शौक पाला तो आप हज के अरकान तो पूरे कर नहीं पायेंगे। साथ ही पूरा खर्चा करने के बाद आपको भारत डिपोर्ट कर दिया जायेगा। फिर वह अगले चार साल तक हज वीजा के लिए अप्लाई नहीं कर सकेगा। क्योंकि जो यात्री इस साल हज यात्रा में चयनित हुए हैं। उन्हें अब अगली बार हज का मौका चार साल बाद मिल सकेगा।
हाजियों का दूसरा जत्था पहुंचा मक्का
भारत से हज यात्रियों का दूसरा जत्था बुधवार को सऊदी अरब रवाना हो गया है। यात्रियों का यह जत्था नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से सऊदी एयरलाइन्स के जहाज के मार्फत भारतीय हज यात्रियों के जत्थे को लेकर सीधे जद्दा पहुंचा है। जदा से यह यात्री पहले मक्का में ठहराये जायेंगे। इसके बाद यहीं से पांच दिन का हज पूरा करने के बाद इनको आखिर के आठ दिन मदीना में कयाम कराया जायेगा।
बिना परमिट वालों से वसूलेंगे 20 हजार रियाल
सऊदी सरकार द्वारा बनाये गये नये नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति (सऊदी नागरिक निवासी या विजिटर) बिना वैध हज परमिट के मक्का और पवित्र स्थलों (मीना, अराफात, मुजदलिफा) में प्रवेश करते या रहते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 10 हजार से 20 हजार सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जबकि सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार, अवैध हज यात्रियों और उनके मददगारों (जो विजिट वीजा पर लोगों को अवैध हज कराते हैं पर 1 लाख सऊदी रियाल (करीब 25 लाख) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
