Friday, March 1

27 साल पुराने मामले में बसपा नेता अनुपम दुबे को उम्रकैद

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कानपुर 08 दिसंबर। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम राम अवतार प्रसाद की अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के इंस्पेक्टर मेरठ निवासी राम निवास यादव की हत्या में फर्रुखाबाद निवासी बसपा नेता व माफिया अनुपम दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

माफिया अनुपम दुबे पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसकी आधी धनराशि दिवंगत इंस्पेक्टर की पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर राम निवास यादव की 14 मई 1996 को पैसेंजर ट्रेन में अनवरगंज स्टेशन पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह एक मुकदमे में कोर्ट में गवाही देने के बाद ट्रेन से लौट रहे थे। इस मामले में जीआरपी थाने में बसपा नेता अनुपम दुबे के साथ नेम सिंह उर्फ बिलइया और कौशल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

इस मामले में फर्रुखाबाद के बसपा नेता अनुपम दुबे समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था. कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत भी हो गई. गुरुवार को मामले के फैसले वाले दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी बसपा नेता अनुपम दुबे को कानपुर कोर्ट लाया गया और एडीजे 8 की कोर्ट ने उन्हें उम्र कैद की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप दिलीप कुमार के मुताबिक इस मुकदमे में 18 गवाह पेश किए गए थे. जबकि कोर्ट में विटनेस के रूप में चार गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे. इस घटना के समय ट्रेन में मौजूद रहे गवाह मुलायम सिंह की गवाही सबसे अहम थी. वहीं सजा सुनाए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में अनुपम दुबे ने कहा कि कोर्ट ने जो भी फैसला सुनाया है, उसका सम्मान करते हैं. हमारे पास अभी हाईकोर्ट के दरवाजे खुले हैं. इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.

इंस्पेक्टर रामनिवास यादव ने फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान एक मुकदमे की छानबीन की थी और इसी केस के सिलसिले में गवाही देने के लिए वो फर्रुखाबाद गए थे. जहां उनकी हत्या कर दी गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी नेम कुमार उर्फ बिलैया और कौशल की मौत हो गई.

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