Sunday, April 14

शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए : पीवीवीएनएल एमडी

Pinterest LinkedIn Tumblr +

दैनिक केसर खुशबू टाइम्स
मेरठ, 15 मार्च (विशेष संवाददाता) प्रबन्ध निदेषक ईशा दुहन की अध्यक्षता में डिस्कॉम मुख्यालय ऊर्जा भवन मेरठ के सभागार में निवेश मित्र, झटपट पोर्टल, विद्युत दुर्घटना, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त(आईजीआरएस, संभव आदि) शिकायत, विद्युत हेल्पलाईन नं0 1912 से प्राप्त शिकायत आदि बिन्दुओं पर समीक्षा बैठक आहुत हुयी। बैठक में प्रबन्ध निदेशक ने कहा उपभोक्ताओं की विद्युत सम्बन्धी षिकायतों का निस्तारण दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुये गुणवत्तापूर्वक व समयबद्ध निस्तारण सुनिष्चित किया जाये।उन्होंनेविद्युत हेल्पलाईन नं0 1912 से सम्बन्धित षिकायतों की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि उपभोक्ताओं कि विद्युत आपूर्ति, क्षतिग्रस्त परिवर्तकों से सम्बन्धित शिकायत, बिल सम्बन्धी शिकायत, मीटर सम्बन्धी शिकायत, ब्रेकडाउन आदि से सम्बन्धित शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।

झटपट पोर्टल एवं निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन निर्गत किये गये नये संयोजनों की समीक्षा करते हुये, प्रबन्ध निदेशक ने कहा कि ऑनलाईन संयोजन,झटपट पोर्टल एवं निवेष मित्र पोर्टल के माध्यम से बिना किसी परेशानी के उपभोक्ताओं को निर्गत किये जायें। बैठक में प्रबन्ध निदेशक ने निर्देष दिये कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने हेतु, ओवरलोड और विद्युत कटौती की समस्या को समाप्त करने हेतु जनपदवार विद्युत तंत्र को सुदृढ़ किया जाये।प्रबन्ध निदेषक ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का निवारण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा जन-षिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिष्चित किया जाये। उपभोक्ता की षिकायतों के समाधान हेतु पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि0 द्वारा विद्युत हेल्पलाईन नं0 1912 एवं टोल फ्री नं0 1800-180-3002 जारी किये गये है।
जिस पर उपभोक्ता विद्युत सम्बन्धी षिकायतोंएवं क्षतिग्रस्त परिवर्तकों को निर्धारित समय-सीमा में बदलने आदि शिकायतों को दर्ज कराकर, निस्तारण प्राप्त कर सकता है। बैठक में एसके पुरवार निदेशक (कार्मिक एवं प्रब.), संजय जैन निदेशक(वाणिज्य), एनके मिश्र निदेशक (तकनीकी), विनीत रस्तोगी मुख्य अभियन्ता (तकनीकी), एस0एम0 गर्ग मुख्य अभियन्ता (एचआरए), जितेष ग्रोवर,कम्पनी सचिव, अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशासी अभियन्ता स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।

Share.

About Author

Leave A Reply