Monday, April 15

करोड़ों खर्च, फिर भी पार्कों के हाल बेहाल, टूटे पड़े झूले, जुआरियों व शराबियों का बने अड्डे

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मेरठ 15 मार्च (प्र)।  प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी क्रांतिधरा के पार्क बदहाल ही है। इन पार्कों में लगाये गये बेशकीमती झूले गायब हो गये हैं। कहीं हैं तो टूटे पड़े हैं। पार्क में लगाए झूले में लगा समान गायब है। वहीं, रखरखाव के अभाव में घास सूखी पड़ी है। अव्यवस्था का आलम ये है कि पार्कों में अब नशेड़ियों और जुआरियों का अड्डा जम गया है।

स्मार्ट सिटी क्रांतिधरा का स्मार्ह तर्ज पर विकसित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, लेकिन नगर निगम प्रशासन सरकार की प्राथमिकताओं को तिलांजलि दे रहा है। इन पार्कों में बच्चों के लिए झूले, फव्वारे, फुलवाड़ी, सरोवर बनाए गए थे। ताकि वहां आने वाले नागरिक वहां पर रुककर आराम कर मनोरंजन के साधनों का आनंद ले सकें, लेकिन अनदेखी के चलते आज तक भी लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल सका है। पार्क में झाड़ियों की भरमार है,क्यारियां गंदगी से अटी पड़ी हैं।

इन पार्को में लाखों रुपये की लागत से लगे झूले और बच्चों के मनोरंजन के साधन जंग खा रहे हैं। प्रदेश सरकार के पार्कों में हर साल करोड़ों खर्च करने के बाद भी हरियाली दूर तक दिखाई नहीं दे रही हैं। शहरवासी लगातार नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि नगर निगम हर साल पार्कों के रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये शुल्क अदा करने का दावा करता है। जबकि मौके पर पार्क की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। देखरेख के अभाव में कभी शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले यह पार्क इन दिनों शहर वासियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

अधिकारियों की अनदेखी से पार्क की स्थिति बदहाल है। पार्क को नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। पार्षदों का आरोप है कि पार्क के सुंदरीकरण की मांग को लेकर पूर्व में कई बार नगर निगम प्रशासन से लिखित व मौखिक शिकायत की जा चुकी है। उसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी है। शहरवासियों ने अब पार्कों में आना ही छोड़ दिया है। पार्कों की चारदीवारी, पैदल पथ, बैठने के लिए कुर्सी टूटी पड़ी है, लेकिन नगर निगम ने उसके मरम्मत की जहमत नहीं उठाई है।

शहर में पार्कों की हालत खस्ताहाल है। नगर निगम की ओर से शहर में महिला पार्क, बच्चा पार्क, सूरजकुंड पार्क, सेक्टर-4 शास्त्रीनगर, माधव पुरम आदि क्षेत्रों के पार्कों का रखरखाव किया जाता है, लेकिन यह पार्क बदहाली का शिकार हैं। महिला पार्क व बच्चा पार्क में इस पार्क में काफी झूले भी लगाने के साथ ही रेस्टोरेंट भी बनाये गए थे, लेकिन अब सब कुछ बेकार हो चुका है। सूरजकुंड पार्क की खूबसूरती के लिए कभी ग्रेनाइट पत्थर लगाए गए थे। जिन्हें लोग उखाड़कर अपने घर ले जा रहे हैं।

समाजवादी पार्टी की पार्षद नाजरीन शाहिद अब्बासी ने ऐतिहासिक टाउन हॉल में ओपन जिम बनवाने के लिए नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव दिया था। नाजरीन ने कहा था कि टाउन हॉल सबसे मेरठ का सबसे ऐतिहासिक पार्क है। इसलिए नगर निगम प्रशासन को इस पार्क के सभी टूटे झूले सही करवाने चाहिए। साथ ही यहां पर ओपन जिम खुलवाना चाहिए। ताकि दूरदराज से आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके।

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