Monday, January 26

बैंक में बंधक प्लाट बेचने पर सपा जिलाध्यक्ष समेत पांच पर मुकदमा

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मेरठ 10 जनवरी (प्र)। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन बेचने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आवासीय जमीन पर पीएनबी का करोड़ों रुपये का लोन था, लेकिन उसको पाक-साफ और ऋणभार मुक्त होने का दावा करते हुए बाजार भाव पर प्लाट काटकर बेच दिए गए।

एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के आदेश पर महिपाल सिंह समेत 12 जमीन क्रेताओं की सामूहिक तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में बताया कि गोविंदपुर उर्फ घसौली स्थित भूमि खसरा संख्या-517 व 518 मे आवासीय भूमि को सतेंद्र प्रकाश सिंघल, विपिन कुमार, कर्मवीर सिंह गूमी, अमित सिंह, अनीस अहमद ने खरीदी हुई भूमि होने का दावा किया। इसके बाद जरूरतमंद लोगों को विश्वास दिलाया कि उक्त भूमि पाक-साफ और ऋणभार से मुक्त है। साथ ही, महिपाल सिंह, अरुण शर्मा, लख्मीचंद, गुड्डी, इंतजार, गीता, सत्यपाल सिंह, रामपाल, सुहेल इस्लामुद्दीन, अजय, माया, राजकुमारी, संगीता आदि को कालोनी का नक्शा तथा मालिकाना हक के कागजात भी दिखाए। इसके बाद लगभग 50-60 लोगों से बाजारी कीमत पर लोगों से धनराशि प्राप्त कर प्लॉटों के बैनामे कर दिए। इसके बाद पीएनबी वेदव्यासपुरी के अधिकारी 11 अगस्त 2025 को खरीदी गई सम्पत्ति पर आए।

साथ ही, बताया कि मैसर्स श्री राधे हैंडफैब कंपनी के निदेशक सतेंद्र प्रकाश सिंघल ने उक्त भूमि खसरा संख्या – 517 व 518 स्थित ग्राम गोविंदपुर उर्फ घसौली की भूमि को पीएनबी में बंधक रख करोड़ों रुपये का ऋण ले रखा है। जबकि सतेंद्र प्रकाश सिंघल, विपिन कुमार, कर्मवीर सिंह गुमी, अमित सिंह व अनीस अहमद ने बैनामों में स्पष्ट लिखा है कि विक्रीत भूखंड प्रत्येक प्रकार के ऋण, भार, बंधक, इकरार आदि दोषों से मुक्त व दोष रहित है। इसलिए इनकी बातों पर विश्वास कर रकम देकर अपने पक्ष में बैनामें कराए। इस तरह आरोपियों ने एक साजिश, षड्यंत्र, बेईमानी व धोखाधड़ी की नीयत से बैंक का कर्ज छिपाते हुए रकम प्राप्त कर छल कपट धोखाधड़ी से बैनामे लिखा दिए।
इस साजिश मे जिलाधिकारी कार्यालय के लिपिक विपिन कुमार की मिलीभगत होने का दावा किया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दूसरी ओर, सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी ने कहा कि जमीन बेचे जाने से हमारा कोई मतलब नहीं है। अमित सिंह हमारे कभी-कभी पैसे उधार ले लेता है। इसके बदले वह कुछ प्रॉफिट दे देता था। अमित ने छह लाख रुपये का चेक हमारे से लिया था, लेकिन बाद में पैसे वापस लौटा दिए थे। कालोनी काटने वाले सतेंद्र प्रकाश सिंघल व अमित सिंह ही हैं। कालोनी काटने से उनका कोई संबंध नही है।

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