Wednesday, May 22

दूसरी जाति में शादी नहीं करते हिंदू तो मुस्लिम लड़कियों को क्यों बनाया जा रहा निशाना- मौलाना मदनी

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सहारनपुर 14 नवंबर। देश में मुस्लिमों के प्रमुख संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद के देवबंद में हुए एक दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस्राइल-फलस्तीन युद्ध, बढ़ती हुई सांप्रदायिकता समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखे बयान दिए। इसके साथ ही मौलाना मदनी ने षडयंत्र के तहत मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाने पर सवाल खड़े किए और मुस्लिम समाज से लड़कियों के लिए अलग से स्कूल कॉलेज खोलने का आह्वान किया।

कासिमपुरा मार्ग स्थित मदनी मैमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जनपदों के डेढ़ हजार से अधिक जमीयत के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि फलस्तीन-इस्राइल युद्ध की वजह से सांप्रदायिकता में बढ़ोतरी हुई है। फलस्तीन के लोग अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं, जबकि इस्राइल उन्हें गुलाम बनाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुल्क की आजादी दूध पीकर नहीं बल्कि कुर्बानियां देकर मिलती है। मौलाना मदनी ने कहा कि इस्राइल की बर्बर कार्रवाई में बेकसूर लोगों की जान जा रही है। मासूम बच्चों तक का खून बहाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता और सच्चाई यह है कि फलस्तीन आजाद होकर रहेगा।

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सांप्रदायिकता के नारे लगाने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि इससे मुल्क खुशहाल नहीं बल्कि बरबाद होगा। इसलिए सभी को चाहिए कि देश को इस रास्ते पर चलने से रोका जाए। कहा कि मुल्क के हालत इतने खराब हैं कि जरा सी गाड़ी टकरा जाए तो कत्ल तक कर दिया जाता है।

मौलाना मदनी ने कहा की देश में एक षडयंत्र यह चल रहा है कि मुस्लिम लड़कियों का धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। यह साफ है कि हिंदू धर्म में एक जाति की शादी दूसरी जाति में नहीं हो सकती। तो फिर मुस्लिम लड़कियों को क्यों टारगेट किया जा रहा है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वह अपनी बेटियों के लिए अलग से स्कूल कॉलेज की स्थापना करें।

जो लोग सांप्रदायिकता के नारे लगाते है, उन्हे सोचना चाहिए कि इससे मुल्क बर्बाद हो जाएगा। देश को इस तरफ बढ़ने से रोका जाए। आज हालात ये हो गए है कि किसी की जरा सी गाड़ी टकरा जाए तो एक दूसरे को कत्ल कर देते है। जब देश का कानून है, संविधान है, तो अपना काम करेगा। मदनी ने बताया कि 4 साल पहले उनकी RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात हुई थी। वहां मदनी ने झारखंड का जिक्र किया था लेकिन उनकी बात को सुना अनसुना कर दिया गया।

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