नई दिल्ली 25 अगस्त। दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। हर साल ये पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। लेकिन इस बार दिवाली की डेट को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है क्योंकि कार्तिक अमावस्या एक नहीं बल्कि 2 दिन रहेगी। इसे लेकर विद्वानों का अलग-अलग मत है। यहां तक की पंचांग और कैलेंडरों में भी दिवाली की डेट को लेकर भिन्नता आ रही है।
कब से कब तक रहेगी कार्तिक अमावस्या तिथि?
इस बार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार की दोपहर 03 बजकर 45 से शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी 21 अक्टूबर, मंगलवार की शाम 05 बजकर 54 मिनिट तक रहेगी। इस तरह अमावस्या तिथि 21 और 22 अक्टूबर, दोनों दिन रहेगी, जिसके चलते ज्योतिषियों में दिवाली डेट को लेकर मतभेद की स्थिति बन रही है।
ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, दिवाली पर देवी लक्ष्मी का पूजन प्रदोष काल यानी शाम को और रात में करने का महत्व है। 20 अक्टूबर, सोमवार को कार्तिक अमावस्या तिथि दोपहर 03.45 से शुरू हो जाएगी जो पूरी रात रहेगी। यानी दिवाली का रात्रि पूजन 20 अक्टूबर को करना ही श्रेष्ठ रहेगा। इसलिए इसी दिन दिवाली पर्व मनाया जाना शास्त्र सम्मत है।
दिवाली शुभ मुहूर्त
20 अक्टूबर को दिवाली का शुभ मुहूर्त 1 घंटा 11 मिनट का है. दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 07 बजकर 08 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक है.
कार्तिक अमावस्या को प्रदोष काल में ही लक्ष्मी पूजा का विधान है. इस साल दिवाली पर प्रदोष काल का समय शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक है. उस दिन वृषभ काल शाम 07 बजकर 08 मिनट से रात 09 बजकर 03 मिनट तक है.
दिवाली लक्ष्मी पूजा निशिता मुहूर्त
इस साल दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का निशिता मुहूर्त 51 मिनट का है. दिवाली पर देर रात 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक लक्ष्मी पूजा का निशिता समय है. इस समय में मंत्रों की सिद्धि और धन प्राप्ति के उपाय किए जाते हैं.
दिवाली पर सिंह लग्न का समय
इस बार दिवाली पर सिंह लग्न देर रात में है. सिंह लग्न का प्रारंभ देर रात 1 बजकर 38 मिनट पर होगा और यह अगले दिन 21 अक्टूबर को तड़के 3 बजकर 56 मिनट तक रहेगा.
2 दिन अमावस्या हो तो, कब मनाएं दिवाली?
निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु ग्रंथ के अनुसार, जब भी 2 दिन कार्तिक अमावस्या का संयोग बने तो दिवाली पर्व उस दिन मनाना चाहिए जब शाम और रात्रि में अमावस्या का संयोग बने, उसी दिन लक्ष्मी पूजन करना शुभ होता है। ये स्थिति 21 अक्टूबर, सोमवार को बन रही है। इसलिए दीपावली मनाने के लिए यही डेट सही है।
6 दिन मनाया जाएगा दिवाली उत्सव
कार्तिक अमावस्या तिथि 2 दिन होने से दिवाली उत्सव इस बार 5 नहीं बल्कि 6 दिनों को होगा। क्योंकि दिवाली के दूसरे दिन भी अमावस्या तिथि होने से गोवर्धन पूजा का पर्व इसके अगले दिन यानी 22 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इस बार 18 अक्टूबर को धनतेरस, 19 अक्टूबर को रूप चतुर्दशी, 20 अक्टूबर को दिवाली, 21 अक्टूबर को स्नान-दान अमावस्या, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।