Friday, August 29

आगरा में नकली दवाओं का सिंडिकेट, ऑन स्पॉट एक करोड़ की रिश्वत देने वाला दवा कारोबारी भेजा गया जेल; पार्सल से मंगाता था दवाएं

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आगरा 25 अगस्त। यूपी STF और औषधि विभाग की टीम ने आगरा में नकली दवाओं के काले कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. करीब दो माह की छानबीन और रेकी के बाद पकड़े गए गिरोह से अभी तक 3.32 करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई हैं. एसटीएफ निरीक्षक यतींद्र शर्मा के मुताबिक, नकली दवाओं के काले कारोबार का सरगना हिमांशु अग्रवाल है, जिसे कार्रवाई रोकने के लिए एक करोड़ रुपये रिश्वत देने की कोशिश में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. उससे बरामद रकम सरकारी खजाने में जमा कराई गई है. ये ट्रेनों से दवाओं को मंगवाते थे और दूसरे राज्यों तक कालाबाजारी करते थे।

अब तक जांच में सामने आया है कि आगरा से नकली दवाओं का सिंडीकेट देश के कई राज्यों के साथ नेपाल, बांग्लादेश और भूटान तक फैला है. अबकी बार चेन्नई से आई खेप से नकली दवाओं के काले कारोबार के नए नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. जिसमें असली बिल और पैकिंग में नकली दवाएं खपाने का खुलासा हुआ है. आज भी कार्रवाई जारी रहेगी.

बता दें कि, एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नामी-गिरामी कंपनियों की नकली दवाएं की बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. सबसे पहले शुक्रवार को एसटीएफ और औषधिक विभाग की टीम ने फव्वारा बाजार में मुबारक महल स्थित हे मां मेडिको और गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था. हे मां मेडिकल स्टोर के सैयद गली मोतीकटरा स्थित गोदाम पर भी छापा मारा तो एक ऑटो से माल उतारने की तैयारी थी. एसटीएफ के मुतबिक, इनके बिल करीब 10 लाख रुपये के थे, लेकिन माल लगभग 80 लाख का था. जिस पर माल जब्त करके दूसरे गोदामों पर भी छापेमारी की गई. अब तक 3.23 करोड़ रुपये की दवाएं पकड़ी गईं हैं.

एसटीएफ और औषधि विभाग की कार्रवाई रोकने के लिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशित में पकड़े गए दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल पर शिकंजा कसता जा रहा है. अभी उसे भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 8 के तहत दबोचा गया है. जिसमें छह माह से लेकर पांच साल तक की कैद और जुर्माने की सजा है.

सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय के अनुसार, जांच में सामने आया है कि हिमांशु अग्रवाल के पिता पवन हॉकर का काम करते थे, उनके परिवार के ही बबलू दवाई ने दवा की दुकान खोली। उस समय कोडीन युक्त कफ सिरप बांग्लादेश सहित कई राज्यों में अवैध तरीके से सप्लाई होता था, इससे करोड़ों की कमाई की। इसके बाद हिमांशु अग्रवाल ने हे मां मेडिको खोल ली। उसके बाद बबलू दवाई के साथ मिलकर नारकोटिक्स और नकली दवाओं की बिक्री करने लगा।

औषधि विभाग के अधिकारियों से भी नजदीकी सामने आई है, हे मां मेडिको से नियमित नमूने लेने की प्रक्रिया के तहत भी टीम जांच के लिए नहीं गई।
गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल को शुक्रवार को सील कर दिया गया था। संचालक के स्वजनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, शाम को छोड़ दिया गया। बंसल मेडिकल का नारकोटिक्स की दवाएं, नकली दवाओं की बिक्री करने वाले गिरोह से संबंध की जांच की जा रही है। इनके द्वारा जिन कंपनियों की दवाओं की बिक्री की जाती है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
हिमांशु अग्रवाल के मोबाइल की भी जांच की जा रही है, कार्रवाई के दौरान उसकी दवा कारोबारियों के साथ ही औषधि विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कराने वाले लोगों से भी बात हुई है। एक दर्जन दवा कारोबारी चिह्नित किए गए हैं, जो नकली दवा के अवैध कारोबार में शामिल हो सकते हैं।

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