मेरठ 20 मार्च (प्र)।अवधी, भोजपुरी एवं बुंदेली भाषा की चर्चित लोक गायिका मालिनी अवस्थी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस (पीओपी) नियुक्त हुई हैं। विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित शख्सियतों को विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त करने की यूजीसी की पहल के तहत विश्वविद्यालय कैंपस में गुरुवार को कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में मालिनी अवस्थी को हिन्दी विभाग में पीओपी नियुक्त किया गया। उनके साथ ही मैनेजमेंट विभाग में पीओपी के तौर पर नवाचार विशेषज्ञ प्रो. शैलेंद्र जायसवाल के नाम भी मुहर लगी है। उनके व्यावहारिक अनुभव का लाभ प्रबंधन के छात्रों को मिलेगा।
पद्मश्री से सम्मानित और बनारस घराने की शिष्या मालिनी अवस्थी से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उनके गायन एवं भाषाओं के अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा। कुछ महीने पहले ही मालिनी अवस्थी अपनी चर्चित पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ पर केंद्रित कार्यक्रम में सीसीएसयू आई थीं। विश्वविद्यालय मालिनी अवस्थी के गायन एवं भाषाओं पर विशिष्ट कार्यों से न केवल कैंपस बल्कि कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जोड़ेगा। विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों में संगीत विषय की पढ़ाई होती है। ऐसे विवि में मालिनी अवस्थी की बतौर पीओपी कार्य करने से छात्र-छात्राओें को भी उनके समृद्ध गायन अनुभव का लाभ मिलेगा।
मालिनी अवस्थी को मिल चुके हैं कई सम्मान
मालिनी अवस्थी को 2016 में पद्मश्री सम्मान के साथ ही 2003 में सहारा अवध सम्मान, 2006 में यश भारती, 2000 में नारी गौरव और 2014 में कालिदास सम्मान मिल चुका है। बतौर लोक गायिका मालिनी अवस्थी को 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती मालिनी अवस्थी की प्रमुख शैलियां हैं और इसमें उनकी महारत हासिल है।
शैलेंद्र एन.जायसवाल को नवाचार रणनीतिकार, अकादमिक क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। शैलेंद्र डीआरडीओ और रेल मंत्रालय सहित राष्ट्रीय संगठनों में पूर्व कार्यकारी भूमिकाओं के अलावा, अकादमिक प्रशासन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। वे टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया, टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन और सीएसआईआर सलाहकार निकायों जैसे संगठनों को परामर्श दे चुके हैं।
