Monday, April 15

साहस को सलाम: टनकपुर में बाघ के जबड़े से महिला को बचा लाईं सहेलियां

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टनकपुर 27 दिसंबर। क्षेत्र की एक महिला पड़ोसी सहेली को बचाने के लिए खूंखार बाघ से भिड़ गई। इतना ही नहीं इस महिला ने ताबड़तोड़ पत्थर बरसाकर और दराती से वारकर सहेली को करीब 200 मीटर जंगल के अंदर खींचकर ले गए बाघ को खदेड़ दिया।
मंगलवार को उचौलीगोठ गांव निवासी गीता देवी पत्नी रमेश सिंह महर, जानकी देवी और पार्वती चारा पत्ती लेने के लिए दोपहर में बूम क्षेत्र के जंगल गई थीं। वहां एक बाघ ने गीता पर हमला बोल दिया। चीख सुनकर जानकी ने हिम्मत दिखाते हुए बाघ पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाए। इसके बाद बाघ खून से लथपथ गीता को छोड़कर भाग निकला। महिला के सिर में 24 टांके आए हैं।

भीमताल में वन विभाग ने बेहोश कर पकड़ी मादा बाघ भीमताल में जंगलिया गांव के पास वन विभाग ने एक मादा बाघ को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा है। उसकी उम्र करीब दो साल बताई जा रही है। इलाके में तीन लोगों की जान लेने वाला आदमखोर यही है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए बाघ के मल आदि के सैंपल जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया भेजे गए हैं। तब तक पकड़े गए बाघ को रानीबाग स्थित वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में भेजा गया है। दिसंबर के पहले सप्ताह से भीमताल ब्लॉक में आदमखोर का आतंक बना हुआ है।

टनकपुर में बाघ के हमले को देखते हुए वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को एहतियात बरतने की नसीहत दी है। साथ ही कुछ दिनों तक जंगल जाने से बचने की अपील भी की गई है। रेंजर ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी। इधर गांव के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह महर ने गश्त बढ़ाने के साथ सुरक्षा के सभी उपाय करने का अनुरोध किया है। बंदूक के कारतूस की गंध से बाघ के दूर जाने की दलील देते हुए हवाई फायर करवाने की वन विभाग से मांग की है। महर का कहना है कि पूर्णागिरि मार्ग के दोनों तरफ जंगल होने से बाघ के फिर से सड़क पर आने के खतरे से बचने के लिए ये कदम उठाया जाए।

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