Friday, April 12

ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा में सेंधमारी करने वाला सॉल्वर गिरफ्तार

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मेरठ 26 सितंबर (प्र)। मेरठ एसटीएफ ने नकल ग्राम विकास अधिकारी सहित तमाम परीक्षाओं में सॉल्वरों से पेपर हल कराने वाले नकल माफिया अंकित पूनिया को अरेस्ट किया है। पिछले 3 महीने से पुलिस इस माफिया की तलाश कर रही थी। जिसे गत दिवस एसटीएफ फील्ड यूनिट ने दौराला थाना क्षेत्र से अरेस्ट किया है। खुद प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुका नकल माफिया अब प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराकर लोगों को ठगता था। मेरठ सहित गाजियाबाद भी भी इस पर केस दर्ज हैं।

एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि जून महीने में यूपी में ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा हुई थी। तभी सूचना मिली थी कि सॉल्वर का एक गैंग पैसे लेकर पेपर लीक करा रहे हैं। सॉल्वर भी हैं जो दूसरों के स्थान पर परीक्षा दे रहे हैं।

उस वक्त उधम सिंह, संदीप, मनोज और अंकित पूनिया 4 लोगों पर सिविल लाइन थाना मेरठ में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें संदीप, उधम और मनोज को अरेस्ट कर लिया गया था। लेकिन अंकित फरार था। लगातार टीम उसे खोज रही थी। एसटीएफ ने अंकित पूनिया, पुत्र विक्रम सिंह जो सैनिक बिहार फाजलपुर रोहटा रोड थाना कंकरखेड़ा का रहने वाला है उसे अरेस्ट किया है।

सोमवार को सूचना पर एसटीएफ टीम ने दौराला सिवाया टोल से अंकित को पकड़ा था। अंकित अपनी कार से मुजफ्फरनगर जा रहा था। उसके पास परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र और आंसर की भी मिले हैं। अंकित ने अपने साथी विवेक की मदद से उधम सिंह को वीडीओ एग्जाम की आंसर की दी थी। जिसे उधम सिंह ने ब्लूटूथ के जरिए अपने भाई संदीप कुमार के अलावा अन्य अभ्यर्थियों को भेजा था। इसके बदले में अंकित को मेाटी रकम भी मिली थी। उसने दूसरे लोगों को यह रकम दी थी।

पकड़ा गया नकल माफिया अंकित पिछले 12 सालों से नकल कराने के धंधे में लगा था। अब तक तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करा चुका है। पेपर लीक, सॉल्वर बैठाकर नकल कराने का अवैध काम कर चुका है। इतना ही नहीं ये माफिया पैसा लेकर लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम भी ऐंठता रहा है।

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