Tuesday, February 10

फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी

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मेरठ, 06 फरवरी (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। मेरठ की सांस्कृतिक संस्था ‘मेरठ चलचित्र सोसाइटी’ ने फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मण समुदाय की गरिमा पर प्रहार बताते हुए फिल्म निर्माता कंपनी फ्राइडे फिल्मवर्क्स प्रा.लि. और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को कानूनी नोटिस भेजा है। फिल्म के नाम से ‘पंडित’ शब्द को हटाने की मांग की है।
मेरठ चलचित्र सोसाइटी महासचिव अंबरीश पाठक का कहना है फिल्म का शीर्षक न केवल ब्राह्मण समुदाय को भ्रष्ट दिखाने का प्रयास है, बल्कि यह पूरे हिंदू समाज में जातिगत वैमनस्य फैलाने का कुटिल षडयंत्र है। सोसाइटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीके शर्मा की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि किसी विशिष्ट धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान को ‘घूसखोर’ जैसे अपराधी शब्द के साथ जोड़ना संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है।
उन्होंने फिल्म के नाम से ‘पंडित’ शब्द को तुरंत हटाने की बात कही है। मांग की है कि समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए निर्माता और नेटफ्लिक्स लिखित माफी मांगे। यदि शीर्षक नहीं बदला तो सोसाइटी फिल्म की रिलीज रोकने को वैधानिक और लोकतांत्रिक कदम उठाएगी। सोसाइटी महासचिव ने फिल्म जगत के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि ‘कलात्मक अभिव्यक्ति’ के नाम पर हिंदू समाज को बार-बार ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया जाता है। उन्होंने पूर्व में अनुराग कश्यप जैसे निर्देशकों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए इसे सामाजिक दरारें गहरी करने वाला कृत्य करार दिया।
उधर, फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर देख भड़के उज्जैन के ब्राह्मण : इंटरनेट माध्यम पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर जारी होने के बाद उज्जैन के ब्राह्मण आग बबूला हो गए हैं। ब्राह्मणों ने फिल्म के टाइटल का जमकर विरोध किया है। उनका कहना है कि देश में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अपमानित करने का प्रचलन बढ़ रहा है। अगर शीर्षक नहीं बदला गया तो, फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोतेंगे। उज्जैन के तीर्थ पुरोहित पं. अमर डब्बावाला ने भी फिल्म का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से पंडितों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। सेंसर बोर्ड को समाज में वैमनस्यता पैदा करने वाली फिल्मों पर रोक लगाना चाहिए। फिल्म घूसखोर पंडत प्रसारित होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। जयपुर और दिल्ली के बाद अब उज्जैन में भी इसके शीर्षक को लेकर विवाद छिड़ गया है।
फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक पं. महेश पुजारी ने फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मणों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि देश में सवर्ण समाज को अपमानित किया जा रहा है। इस फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। फिल्म के निर्माता अगर हमारे सामने आएंगे तो मुंह पर कालिख पोती जाएगी।

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