मेरठ, 19 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए अभी तारीख घोषित नहीं हुई है जीते हारेगा कौन वह बात और है लेकिन सभी दलों के नेताओं द्वारा अकेले या संयुक्त रूप से अपना उम्मीदवार लड़ाकर जीतने की संभावनाओं पर मंथन जरूर किया जाने लगा है। किस किस क्षेत्र से कौन कौन उम्मीदवार सामने आयेगा यह भी चुनाव तिथि घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मगर पिछले कई बार से भाजपा प्रत्याशी को जीताकर विधानसभा में भेज रहे 49 मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र जहां से वर्तमान में डा. सोमेन्द्र तोमर विधायक होने के साथ ही ऊर्जा राज्यमंत्री भी हैं। उनका चुनाव लड़ना अगर पार्टी टिकट देती हैं तो बिल्कुल पक्का है मगर इनसे पूर्व यहां से विधायक रहे श्री रविन्द्र भड़ाना भी उनके समर्थकों के अनुसार अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं। दूसरी तरफ पिछले कई दशक से हिन्दूवादी नेता के रूप में जागरूक क्षेत्रों में स्थापित जमीन से जुड़े और हर सामूहिक जनसमस्या में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करने वाले वर्तमान में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शुमार श्री बलराज डूंगर की दावेदारी भी भाजपा के टिकट के लिए इस क्षेत्र से काफी मजबूत समझी जा रही हैं और भी कई नाम चर्चाओं में हैं।
दूसरी तरफ इस बार चुनाव जीतकर सत्ता संभालने के लिए हर संभव प्रयासरत पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से युवा गुर्जर नेता आदित्य गुर्जर की दावेदारी जो मजबूती से उभरकर सामने आई हैं बीते दिनों इनके द्वारा क्षेत्र में आने वाले एक ग्राम में अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का एहसास भी कराया जा चुका है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इनके परिवार की लोकप्रियता और सामाजिक कार्यों में दखल काफी मजबूत है अगर सपा ने आदित्य गुर्जर को टिकट दिया तो वह चुनाव को काफी प्रभावित करेंगे। और अगर राजनीति में भागीदारी के लिए प्रयासरत गुर्जर समाज इनके साथ हो गया तो चुनाव परिणाम कुछ भी हो सकते है।।
बताते चलें कि गत दिवस संयुक्त गुर्जर परिसंघ के अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर के द्वारा एक प्रेसवार्ता आयोजित की गयी जिसमें मांग की गयी कि गुर्जर समाज को राजनीति में और ज्यादा सम्मान मिलना चाहिए अभी तक केंद्र और प्रदेश में एक-एक राज्यमंत्री इस समाज से हैं उनका कहना था कि जो 2014 से समाज भाजपा के साथ रहा है फिर भी उचित प्रतिनिधित्व हमारे समाज को नहीं मिल रहा है। श्री भोपाल सिंह गुर्जर ने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की गई कि अभी हाल ही में संगठन के पदाधिकारी और मनोनीत हुए पार्षदों में भी समाज को कोई बड़ा सम्मान नहीं दिया गया हैं उन्होंने संगठन में समाज को उचित स्थान दिये जाने की मांग की मगर अब भी यदि ऐसा नहीं हुआ आगे बड़ी रणनीति बनाकर फैसला लेना होगा। इस मौके पर गुर्जर समाज के वीरेंद्र कुमार सहित अनेकों प्रमुख चेहरे भी वहां नजर आये।
देखना अब यह है कि बसपा और आप पार्टी यहां से अपना कौन सा उम्मीदवार लाती है और चुनाव घोषित होने के बाद कौन पार्टी किसे अपना उम्मीदवार बनाती हैं लेकिन यह पक्का समझा जा रहा है कि इस बार भी पहले की तरह यहां से किसी गुर्जर हो ही अपनी पार्टी से उम्मीदवार बनाने का प्रयास करेगी वैसे कुछ चुनावी रणनीति के जानकारों का यह भी कहना है कि किसी और जाति के उम्मीदवार को भी यहां से भाजपा उम्मीदवार को टक्कर देने हेतु लड़ाया जा सकता है। -विशेष प्रतिनिधि
