Saturday, January 31

आधार कार्ड के वेरिफिकेशन के बाद ही होगा संपत्ति का बैनामा

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मेरठ 31 जनवरी (प्र)। अब मेरठ के उपनिबंधक कार्यालयों में आधार कार्ड वेरिफिकेशन के बाद ही बैनामा हो सकेगा। मेरठ के छह उपनिबंधक कार्यालयों में 12 बॉयोमेट्रिक मशीन पहुंच चुकी है। उपनिबंधक कार्यालय में भी इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली है। एक फरवरी से इसका शुभारंभ होगा।

एआईजी स्टांप का कहना है कि रविवार को पहले इसका ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद उससे लागू कर दिया जाएगा। सभी उपनिबंधक कार्यालयों में बॉयोमेट्रिक मशीन पहुंच चुकी है।
मेरठ में साढ़े 11 करोड़ के फर्जी स्टांप पेपरों का घोटाला पकड़ में आया। इसी घोटाले को रोकने के लिए स्टांप विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश स्तर पर रजिस्ट्री कार्यालयों में अब बैनामों में गड़बड़ी रोकने के लिए आधार से सत्यापन होगा। मेरठ के छह उपनिबंधक कार्यालयों में आगामी एक फरवरी से नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके तहत अब आधार सत्यापन के बाद ही बैनामे की रजिस्ट्री होगी। रजिस्ट्री के दौरान खरीदार, विक्रेता के साथ गवाहों के आधार नंबर का मौके पर सत्यापन होगा। इस व्यवस्था से फर्जी आधार, फर्जी गवाह और बेनामी संपत्तियों की रजिस्ट्री पर प्रभावी तरह से रोक लग सकेगी।

एआईजी स्टांप नवीन शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति किसी भी उपनिबंधक कार्यालय में जाएगा तो वहां पर पक्षकार बॉयोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे। इससे दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से उनकी पहचान सत्यापित हो जाएगी। पहचान सही होने पर ही साफ्टवेयर से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्यापन के दौरान सही पहचान नहीं होने पर तत्काल पुलिस को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी।

रोज होती हैं 600 रजिस्ट्री
एआईजी स्टांप नवीन शर्मा का कहना है कि मेरठ के सरधना, मवाना व कचहरी परिसर के दो व मेडा कार्यालय में दो उपनिबंधक कार्यालयों में रोज 600 रजिस्ट्रियां होती है। हर कार्यालय में दो-दो बॉयोमेट्रिक मशीन पहुंचा दी गई है। इस मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन किया जाएगा। स्टाफ को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है, जिससे रजिस्ट्री से पहले होने वाले आधार सत्यापन के दौरान समस्या न हो।

आधार की फोटोकॉपी से चलता था काम
अभी तक बैनामा कराने वाले व्यक्ति के आधार की फोटोकॉपी से काम चल जाता था, जिससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब बैनामे से पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान आधार में लगे मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगी। ओटीपी फीड करने के बाद ही बैनामे के लिए ऑनलाइन कॉपी विभाग के पोर्टल पर आएगी। एक फरवरी से सभी बैनामे आधार सत्यापन के बाद ही हो सकेंगे।

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