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पेराई सत्र 2024 में गन्ने का ख़रीद मूल्य पाँच सौ रुपया प्रति क्विंटल और 24 घंटे के अंदर ऑनलाइन भुगतान की जाए व्यवस्था – अंकुश चौधरी

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मेरठ 15 जनवरी (प्र)। प्रदेश में गन्ना किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा हैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की फ़सल बहुतायत में उगायी जाती है और इस क्षेत्र को गन्ना बेल्ट के रूप मे जाना जाता है लेकिन बड़ी विडंबना है प्रत्येक वर्ष गन्ना किसानों को ना तो गन्ने का उचित मूल्य ही मिलता है और ना ही चीनी मिलों द्वारा समय से किसानों का भुगतान ही किया जाता है! प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी चीनी मीलों पर गन्ना किसानों का पिछली पेराई सत्र वर्ष 2022-23 का करोड़ो रुपया अभी तक बकाया है। जबकि नया गन्ना पेराई सत्र शुरू हुए महीनो हो गए हैं अति दुख का विषय है कि किसानो को समय से गन्ने का भुगतान न होने के कारण काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है,बेटी की शादी हो या बीमारी की दशा में या अन्य पारवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है महोदय गन्ना सत्र शुरू हो गया है लेकिन अभी तक सरकार द्वारा न तो गन्ने का मूल्य (एसएपी ) घोषित किया जब की प्रदेश का किसान उम्मीद कर रहा था कि अक्टूबर में पेराई सत्र की शुरुआत में एसएपी की घोषणा की जाएगी। लेकिन अब जनवरी है और गन्ना किसानों को अभी भी नहीं पता है कि उनकी फसल के लिए मिलों से क्या कीमत मिलेगी।

प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ जी आपके नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार सत्ता में आई है, तब से उत्तर प्रदेश में गन्ने की कीमत केवल 35 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी है, जो कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान बढ़ाई गई कीमत से काफी कम है। इसके बावजूद सरकार द्वारा अभी तक गन्ने का रेट ही तय नहीं किया गया है और न ही इस सत्र मे गन्ना किसानों को समय से गन्ना भुगतान किये जाने का भरोसा ही दिया गया है,किसान जी तोड़ मेहनत से भयंकर गर्मी, सर्द अँधेरी रातों में जंगली जानवरों के ख़तरे के बावजूद अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी फ़सल तैयार करता है और जब फ़सल को बेचने के लिए चीनी मिलों पर जाता है तो उसे नहीं पता होता है कि उसकी खून पसीने से तैयार की गई फ़सल की कितनी क़ीमत मिलेगी और कब मिलेगी आज के समय में जब देश मे माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा डिजिटल इंडिया का नारा दिया जा रहा है तो गन्ना किसानों के लिए मिलों द्वारा नगद व उचित भुगतान न दिया जाना गन्ना किसानों के प्रति घोर अन्याय है अत: गन्ना किसानों की समस्याओं को देखते हुए आम आदमी पार्टी गन्ना किसानो के हित में  गन्ना किसानों के पिछले पेराई सत्र वर्ष 2022-23 का बकाया भुगतान तुरंत मय ब्याज कराया जाय इस पेराई सत्र 2024 के लिए गन्ने का ख़रीद मूल्य पाँच सौ रुपया प्रति क्विंटल तत्काल घोषित किया जाए।
पेराई सत्र 2024 से गन्ना किसानों को तुरंत मिल पर गन्ना डालने के 24 घंटे के अंदर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए यदि आपके द्वारा गन्ना किसानों की उपरोक्त माँगो पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो आम आदमी पार्टी मेरठ उप गन्ना आयुक्त कार्यालय मेरठ का घेराव करेगी।

इस दौरान उपरोक्त प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी, महानगर अध्यक्ष अंकित गिरी, किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष फुरकान त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी हर्ष वशिष्ठ, जिला महासचिव जीएस राजवंशी, सोशल मीडिया प्रभारी हेम कुमार, महिला जिलाध्यक्ष आरज़ू कंडारी, एससी-एसटी जिलाध्यक्ष भूप सिंह, हस्तिनापुर विधानसभा अध्यक्ष संदीप त्यागी, जिला संरक्षक एसके शर्मा, जिला सचिव अनमोल कोरी, जिला सचिव वैभव मलिक, जिला कार्यकारिणी सदस्य सचिन वाल्मीकि, जिला कार्यकारिणी सदस्य गजेन्द्र, राहुल शर्मा मौजूद रहे।

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