मेरठ 07 मार्च (प्र)। कंकरखेड़ा थाने के हेडकांस्टेबल के क्वार्टर में चोरी की घटना का राजफाश हो गया है। हेड कांस्टेबल के छोटे भाई ने ही चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने हेड कांस्टेबल के छोटे भाई सोनू को हिरासत में लेकर नगदी और आभूषण बरामद कर लिए।
सोनू ने बताया कि उसकी पत्नी के बीमार होने पर हेड कांस्टेबल भाई से रकम मांगी थी। उसने देने से इन्कार कर दिया था, इसलिए उपचार कराने के लिए चोरी की थी। मथुरा के बाजना गांव निवासी मनोज पांचाल हेड कांस्टेबल हैं। वह सीओ ब्रह्मपुरी कार्यालय में मुंशी हैं।
कंकरखेड़ा थाना परिसर में बने आवासीय क्वार्टर की तीसरी मंजिल में परिवार संग रहते हैं। होली पर दो मार्च को मनोज दो दिन की छुट्टी लेकर पत्नी और बच्चों के साथ गांव गए थे। मनोज के बहनोई देवेंद्र भी गाजियाबाद यातायात पुलिस में तैनात हैं। गुरुवार सुबह दस बजे मनोज परिवार के साथ क्वार्टर पर पहुंचे। क्वार्टर के मुख्य गेट का ताला टूटा था। अंदर जाकर देखा तो सेफ और तिजोरी का ताला टूटा और सामान बिखरा था। तिजोरी के करीब 60 लाख कीमत के आभूषण एवं लाखों की नगदी चोरी हो चुकी थी। हेड कांस्टेबल की पत्नी नेहा पांचाल की तरफ से तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
सीओ प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक ही आरोपित थाने से निकलता दिखाई दिया। उसके बाद कार में सवार होकर निकल गया। फुटेज के आधार पर आरोपित की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
सोनू ने बताया कि उसकी पत्नी टीबी से पीड़ित है। बेटा दिव्यांग है। पत्नी के उपचार के लिए 15 फरवरी को मेरठ पहुंचकर भाई मनोज पांचाल से रकम मांगी थी। उसने रकम देने से इन्कार कर दिया, जबकि घर की तिजोरी में नगदी और आभूषण रखे थे। तभी सोनू ने चोरी की योजना बनाई। मेन गेट की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई। मनोज के घर पहुंचने पर चार मार्च की रात को मथुरा से निकला और चोरी करने के बाद सुबह घर लौट आया। आने-जाने में उसे आठ घंटे लगे। सोनू जब घर लौटा तो सुबह हो चुकी थी। परिवार के लोगों ने सोनू से पूछा कि वह कहां गया था, तब उसने बताया कि सीएनजी भराकर वापस आया है।
