मेरठ, 01 मई (प्र)। विद्या यूनिवर्सिटी के फामेर्सी संकाय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन भव्य रूप से हुआ। सतत रणनीतिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवीन रुझान विषय पर आयोजित इस सम्मेलन को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा प्रायोजित किया गया था। सम्मेलन के अंतिम दिन 10 पोस्टर प्रस्तुति और 9 मौखिक प्रस्तुतियाँ हुईं। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हिरेन दोशी मुख्य अतिथि रहे, जबकि राष्ट्रीय कैडेट कोर के अधिकारी कर्नल रवींद्र सिंह भंडारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने उत्कृष्ट पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी प्रदान की तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर कुलसचिव विजय कुमार दुबे और डॉ. नेहा दोशी भी उपस्थित रहे। दूसरे दिन की शुरूआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई। भ अतिथियों का स्वागत फामेर्सी विभाग के अधिष्ठाता एवं आयोजन संयोजक डॉ. प्रेम शंकर मिश्रा ने पौधा, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर किया। वैज्ञानिक सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के प्रोफेसर डॉ. संजीव मलिक ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक डॉ. शानदार अहमद ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अंतिम सत्र में औद्योगिक विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने अपने विचार साझा किए। सत्रों की अध्यक्षता विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा की गई, जिनमें डॉ. राखी मिश्रा, डॉ. नितिन शर्मा, डॉ. अनुराग, डॉ. आलोक शर्मा, डॉ. अनूप कुमार और डॉ. आशिष कुमार शामिल रहे। इसके बाद पोस्टर एवं मौखिक प्रस्तुति सत्र में 25 से अधिक शोधार्थियों ने भाग लिया। समापन सत्र में कुलपति डॉ. हिरेन दोशी ने कहा कि ऐसे आयोजन ज्ञान, नवाचार और व्यावहारिक अनुभव को मजबूत करते हैं तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करते हैं। विशिष्ट अतिथि कर्नल रवींद्र सिंह भंडारी ने अनुशासन, समर्पण और टीम भावना को सफलता की कुंजी बताते हुए युवाओं को प्रेरित किया ।
विद्या यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ
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