मेरठ, 27 अप्रैल (प्र)। जिला छोड़कर नोएडा व गाजियाबाद से डेली अपडाउन करने वाले मेडा इंजीनियर, कर्मचारी व मेट कमिश्नर की रडार पर आ गए हैं। कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि उन्हें सूचना मिली है कि मेडा में तैनात इंजीनियर नोएडा व गाजियाबाद से डेली अप डाउन कर रहे हैं। उनकी तैनाती मेरठ में है, तो उन्हें मेरठ में ही रहना चाहिए, लेकिन वह शाम चार बजे ही जिला छोड़कर दूसरे जिले में पहुंच जाते है । अगले दिन सुबह देर से आते हैं। जिससे मेडा का कार्य प्रभावित हो रहा है।
ऐसे इंजीनियरों की निगरानी की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मेडा में करीब सवा तीन सौ से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती है । जिसमें 18 सहायक इंजीनियर व जूनियर इंजीनयर तैनात है। इसके साथ 174 मैट, 2 रेवेन्यू इंस्पेक्टर, 3 होट्रीकल्चर इंस्पेक्टर, 1 टेलीफोन ऑप्रेरटर, 34 माली, 2 ग्राउंडस मैन, 56 चपरासी, 30 क्लर्क, 4 ड्राइवर, 25 चौकीदार, 2 टाइपिस्ट साथ भारी भरकम स्टाफ तैनात है। आरोप है कि कई जूनियर इंजीनियर, क्लर्क व मेट अपने परिवार के साथ नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, मोदीनगर आदि जिलों में रहते हैं। वह दोपहर प्राइवेट गाड़ी से मेडा कार्यालय पहुंचते हैं। इसके बाद शाम ढलते ही निजी वाहन से नोएडा व गाजियाबाद के लिए निकल जाते हैं। जिससे मेडा का कार्य प्रभावित होता है। नियमानुसार मेडा में तैनात इंजीनियरों को अपने मुख्यालय में ही रहना चाहिए। वह बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के बिना अपना जिला नहीं छोड़ सकते हैं। जबकि कई इंजीनियर अपना जिला छोड़कर दूसरे जिले में निवास कर रहे हैं। कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि शिकायत के आधार पर ऐसे इंजीनियर, मेट पर नजर रखी जा रही है। उनके फोन की लोकेशन भी ट्रेस कराई जा रही है। जिससे उनके खिलाफ पुख्ता कार्रवाई की जा सके।
नौकरी करते मेडा में और रहते नोएडा गाजियाबाद में, कमिश्नर नाराज
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