मेरठ 30 दिसंबर (प्र)। कैंट बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बोर्ड को रैपिड रेल कॉर्पोरेशन (RRTC) से लंबित 57 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं, जिनका उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कैंट क्षेत्र में दो नए कूड़ा निस्तारण स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
प्राप्त 57 करोड़ रुपये से होने वाले विकास कार्यों को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) द्वारा पूरा किया जाएगा। इन कार्यों की प्राथमिकता तय करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति पहले से तय किए गए कार्यों में से आवश्यक और अति आवश्यक कार्यों का निर्धारण कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्णय लेगी।
इन विकास कार्यों में बुचड़ी रोड, माल रोड और सप्लाई डिपो रोड का विकास शामिल है। इसके साथ ही, दो नई मार्केट भी बनाई जाएंगी। कुल मिलाकर, लगभग 14-15 ऐसे कार्य हैं जिनके माध्यम से कैंट क्षेत्र में व्यापक विकास दिखाई देगा।
कूड़ा निस्तारण की समस्या से निपटने के लिए दो नए गार्बेज ट्रांसफरिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से एक स्टेशन बाउंड्री रोड और दूसरा कैंट बोर्ड के पीछे की तरफ स्थापित किया जाएगा, जहाँ वर्तमान में काफी कूड़ा फैला रहता है। इन स्टेशनों से क्षेत्र में कूड़े के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। पुराने कचरे का बायोरेमेडिएशन और बायोमाइनिंग के तहत निस्तारण होगा, जिस पर 14.53 करोड़ का अनुमानित बजट है। वर्तमान में रोज निकलने वाले कचरे के प्रसंस्करण को नया प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी लागत 11.23 करोड़ होगी। दोनों प्रस्तावों पर करीब 25,76,81,407 रुपये का खर्च प्रस्तावित है।
इसके अलावा, तीन-चार अन्य सड़कों के विकास और कारपेटिंग का काम भी किया जाएगा। सदर बाजार क्षेत्र और नेताजी सुभाष मार्ग के विकास पर भी बोर्ड बैठक में चर्चा हुई।
कैंट बोर्ड अपनी आय बढ़ाने के साधनों की तलाश कर रहा है, क्योंकि वर्तमान में हाउस टैक्स और अन्य प्रोफेशनल टैक्स कम होने के कारण बोर्ड की आमदनी बहुत कम है। बोर्ड मुख्य रूप से केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड पर निर्भर करता है।
कैंट बोर्ड का अस्पताल भी वर्तमान में अच्छी स्थिति में नहीं है। सरकार की योजनाओं का अध्ययन कर उनमें आवेदन किया जाएगा ताकि अस्पताल को बेहतर बनाया जा सके और इसे 30 से 100 बेड के अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सके। बोर्ड बैठक में वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों पर कराधान (टैक्सेशन) को लेकर भी चर्चा हुई।
अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
ब्रिगेडियर निखिल देशपांडे ने कैंट क्षेत्र में अवैध पार्किंग पर नाराजगी जताई। लालकुर्ती मैट्रो हास्पिटल की पार्किंग 12.21 लाख व नैय्यर वाली पार्किंग 19.80 लाख में फाइनल की गई। दो गार्बेज स्टेशन बनाए जाएंगे। गांधी बाग के सौंदर्यीकरण की बात कही।
तहबाजारी ठेकेदार पर सख्ती
बोर्ड में बताया तहबाजारी के ठेकेदार कहीं भी किसी की पर्ची काट देता है। इससे कैंट क्षेत्र में ठेले वालों की बाढ़ आ गई है। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने राजस्व प्रभारी हितेश से कहा, सख्ती करें और फौजी संस्कृति के अनुरूप कार्य करने की काबलियत अपने भीतर लाएं।
