मेरठ 26 जनवरी (प्र)। देश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे भारी हिमपात का सीधा असर अब मैदानी इलाकों पर दिखने लगा है। तेज ठंडी हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शीतलहर का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। सुबह और शाम की कड़ाके की सर्दी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है।
पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद मैदानों में चल रही बर्फीली हवाओं ने रविवार को भी मेरठ सहित वेस्ट यूपी को कपकंपाए रखा। धूप के बावजूद बर्फीली हवाओं से दिन के तापमान पर ब्रेक लगा रहा, जबकि रात में पारा मामूली फिसल गया। पहाड़ों पर पहुंच रहे नए पश्चिमी विक्षोभ से मैदानों में हवाओं का रुख बदलने के आसार हैं। दिन में बर्फीली हवाओं पर ब्रेक लग सकता है। इससे दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं। कल से मैदानों में मौसम में बदलाव के आसार हैं। 27 जनवरी की देर शाम से मेरठ सहित वेस्ट यूपी के एक बार फिर से मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। 30 जनवरी को फिर से पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर पहुंचेगा। इसका असर 31 जनवरी से एक फरवरी के बीच हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 19 एवं 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो सामान्य से 0.7 एवं 0.4 डिग्री सेल्सियस कम है। रविवार को दिनभर चार से छह किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाएं चली। इससे दिन का तापमान नहीं बढ़ा। मेरठ का एक्यूआई 120 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में है।
मौसम विभाग के अनुसार 27-28 जनवरी को बारिश एवं ओलावृष्टि के बीच मैदानों में 40-60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। कुल मिलाकर सर्दी अभी जाने वाली नहीं है। फरवरी के पहले हफ्ते तक बारिश और बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहने के आसार हैं।
फिलहाल, अगले 48 घंटों तक शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम है। दिन में निकल रही धूप भी सर्दी के प्रभाव को कम करने में असमर्थ साबित हो रही है।
