मेरठ 06 जनवरी (प्र)। मेरठ के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में सोमवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक शिक्षक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल लिया। यह देख पास ही मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई।
उन्होंने शिक्षक से बोतल छीनी और जिस जैकेट पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेला था, उसे उतरवा दिया। सूचना पर पहुंची लालकुर्ती पुलिस शिक्षक को थाने लेकर आ गई। हालांकि बाद में परिजनों को बुलाकर उनकी सुपुर्दगी में भेज दिया। शिक्षक ने DIOS पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
हस्तिनापुर के ग्राम मामेपुर किशोरपुर निवासी तिलकचंद पुत्र चरन सिंह शिक्षक हैं और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज अरनावली में तैनात हैं। सोमवार को वह अपने किसी काम की प्रगति जानने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक यानि DIOS के दफ्तर पहुंचे थे।
उन्होंने पहले विभागीय क्लर्क से संपर्क किया लेकिन जब कोई उचित जवाब नहीं मिला तो वह सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के पास पहुंच गए। यहां किसी बात को लेकर DIOS और शिक्षक तिलकचंद के बीच नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि तिलकचंद बाहर निकले और उन्होंने अपने वाहन से पेट्रोल निकालकर आत्मदाह की नीयत से खुद पर उड़ेल लिया।
शिक्षक द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से वहां पास ही मौजूद लोग भौचक्के रह गए। उनमें अफरातफरी तफरी मच गई। इसी दौरान वहां पहुंचे उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक ठकुराई गुट के कुछ सदस्यों ने यह नजारा देखा और शिक्षक के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली।
बिना देरी किए उन्होंने जिस जैकेट पर पेट्रोल गिरा था, उसे भी उतरवा दिया। उन्होंने शिक्षक को समझाया और फिर उन्हें लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर के दफ्तर में ले गए।
DIOS दफ्तर ने अफरातफरी मची थी। आनन फानन में पुलिस को सूचित किया गया। कुछ ही देर में लालकुर्ती थाने से एसआई महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और पहले शिक्षक व फिर DIOS से बात की। उन्होंने शिक्षक द्वारा उठाये गए कदम को गलत बताया।
इसके बाद वह शिक्षक तिलकचंद को लेकर लालकुर्ती थाने आ गए। हालांकि उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक ठकुराई गुट के सदस्यों के पहुंचने के बाद पुलिस ने शिक्षक को परिजनों की सुपुर्दगी में भेज दिया। पुलिस ने मामले में तस्करे की कार्रवाई की है।
तिलकचंद वर्ष 2002 में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित हुए। दो साल बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ने भर्ती निकाली। उन्होंने विभागीय अनुमति लेकर उस परीक्षा की तैयारी की और मई, 2005 में उसमें नियुक्ति भी प्राप्त कर ली।
तिलकचंद बताते है कि उन्होंने नियमानुसार प्रक्रिया का पालन कर यह नियुक्ति प्राप्त की। अब वह अपनी 2005 से पहले ही सेवा अवधि को जुड़वाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन हर बार कोई ना कोई अड़ंगा डाल दिया जाता है।
तिलकचंद का कहना है कि वह पुरानी पेंशन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने शुरुआत में अपन माध्यमिक की सेवा जुड़वाने के लिए आवेदन किया लेकिन यह कहकर उसे निरस्त कर दिया गया कि वह त्यागपत्र देकर माध्यमिक में गए थे।
इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का हवाला देकर आवेदन किया तो विभाग ने भरोसा दिलाया कि विज्ञप्ति के आधार पर वह पुरानी पेंशन के हकदार हैं लेकिन दोबारा आवेदन मांगा। 14 नवंबर, 2025 को उन्होंने नई आवेदन प्रक्रिया शुरु की लेकिन दो माह से उस फाइल को विभाग दबाकर बैठा है।
