Monday, January 26

एनएच-58 छह लेन बनेगा, 3500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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मेरठ 10 जनवरी (प्र)। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग ( एनएच-58) पर सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। जाम, हादसों और अव्यवस्थित कटों से जूझ रहे इस व्यस्त हाईवे का अब कायाकल्प होने जा रहा है। मेरठ के परतापुर बाईपास से मुजफ्फरनगर बाईपास तक करीब 80 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को छह लेन का बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया ने हाईवे के एलाइनमेंट की सर्वे रिपोर्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दी है, जबकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम तेजी से चल रहा है।

एनएच-58 पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है दोनों ओर तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और बाजारों के कारण जगह- जगह वैध और अवैध कट बन गए परतापुर से मुजफ्फरनगर बाईपास तक करीब 22 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती हैं।

इनमें वेदव्यासपुरी, सुभारती विश्वविद्यालय, खड़ौली भोला रोड, दायमपुर, जटौली और कृषि विश्वविद्यालय के सामने के कट प्रमुख हैं। नई योजना के तहत इन सभी चौराहों और डिवाइडर कटों को बंद कर 20 से 22 नए अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे हाईवे पर ट्रैफिक बिना रुके चलता रहेगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। वर्तमान में हाईवे पर 17 पुराने अंडरपास मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते यातायात को देखते हुए उनकी संख्या बढ़ाई जा रही है।

एलिवेटेड रोड और सर्विस रोड से बदलेगा हाईवे का चेहरा योजना में तीन प्रमुख स्थानों पर एलिवेटेड रोड भी शामिल हैं। मेरठ में सुभारती विश्वविद्यालय के सामने करीब 3.5 किलोमीटर, खड़ौली भोला रोड रजबहा पर 3.3 किलोमीटर और मंसूरपुर मार्केट क्षेत्र में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा हाईवे के दोनों ओर 7.5- 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी, जिससे स्थानीय यातायात और मुख्य हाईवे के ट्रैफिक को अलग किया जा सकेगा।

परियोजना से बढ़ेगी रफ्तार और कारोबार
एफपी इंडिया के परियोजना प्रमुख रामपाल सिंह सैनी के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट एनएचएआई को सौंपी जा चुकी है। अगले दो महीनों में डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। दिल्ली से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों तक जाने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

दुर्घटनाएं कम, व्यापार होगा सुगम
भाजपा नेता मनोज सैनी, आशु और मोहसिन का मानना है कि अंडरपास और सर्विस रोड बनने से न केवल दुर्घटनाएं कम होंगी, बल्कि व्यापार और आवागमन भी सुचारु होगा। यह परियोजना यात्रा के समय को घटाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।

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