मेरठ 12 जनवरी (प्र)। मेरठ के सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मुख्य आरोपी पारस सोम को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रविवार को भारी सुरक्षा-व्यवस्था और गहमागहमी के बीच पुलिस ने पारस को स्पेशल सीजेएम की अदालत में पेश किया। उस पर हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की संगीन धाराएं लगी हैं।
वहीं, रूबी के एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में बयान दर्ज कराए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार रूबी ने अपनी मां की हत्या और खुद के अपहरण के लिए पारस सोम को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। बयान के बाद उसे काउंसलिंग के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया।
इस पूरे मामले में आरोपी पारस के एडवोकेट बलराम सोम ने कहा- मंगलवार को मैं पारस से मिलने जेल जाऊंगा। हम अपने क्लाइंट को इस तरह फंसने नहीं देंगे, पूरी सच्चाई सामने लाएंगे।
पकड़े गए युवक पारस के अनुसार, दोनों का 3 साल से अफेयर चल रहा था। हाल ही में रूबी का रिश्ता कहीं और तय हो गया था। इसके बाद दोनों ने घर से भागने का प्लान बनाया। पुलिस ने शनिवार देर शाम सहारनपुर से रूबी और पारस सोम को अरेस्ट किया था। इसके बाद दोनों को मेरठ लाया गया था।
8 जनवरी को सबसे पहले पारस रूबी को लेकर अपनी रिश्तेदारी में खतौली ले गया। इसी दौरान रूबी को अपनी मां सुनीता की मौत की खबर मिली। इसके बाद दोनों दिल्ली चले गए। दिल्ली में एक होटल में रात बिताई।
इसके बाद 9 जनवरी को गुरुग्राम में पारस अपने एक दोस्त के पास रुका। पारस मीडिया के जरिए गांव के हालात पर नजर रखे था। गांव का माहौल बिगड़ता देख वह रूबी को लेकर 9 जनवरी को गुरुग्राम से ट्रेन से सहारनपुर पहुंच गया।
सहारनपुर के टपरी गांव में पारस की बहन रहती है। बहन के घर ही दोनों ने शुक्रवार रात बिताई। शनिवार (10 जनवरी) को वे हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए। इसी दौरान पारस ने दूसरे यात्री के फोन से झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र को फोन कर अपने परिवार की जानकारी ली। राजेंद्र के पास ही पारस नौकरी करता था।
उसका मोबाइल सर्विलांस पर था। कॉल मिलते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया। रुड़की में घेराबंदी कराई गई। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात फोर्स के साथ रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचे।
यहां ट्रेन पहुंचते ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया। शनिवार शाम 6:15 बजे हरिद्वार पुलिस ने हिरासत में लिया। मेरठ से एसपी सिटी की टीम मौके पर पहुंची। देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ ले आई।
मीडिया के कैमरों और पुलिस की मौजूदगी में उसने सिर्फ इतना ही कहा-मैंने किसी को नहीं मारा… मुझे बचा लीजिए। हालांकि इससे पहले मीडिया ने उससे कई सवाल किए जिन पर वह खामोश रहा, लेकिन अंत में उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए बचाव की गुहार लगाई।
वहीं रूबी को एसीजेएम-द्वितीय की कोर्ट में पेश कर बयान करा दिए ताकि किसी को भनक न लगे। रूबी के बयानों को सीलबंद कर दिया गया है जो सोमवार को केस के विवेचक को सौंपे जाएंगे।
दरअसल, 8 जनवरी (गुरुवार) को लड़की मां सुनीता के साथ खेत जा रही थी। रास्ते में पारस ने उनको रोका। मां ने इसका विरोध किया तो पारस ने गाली-गलौज कर फरसे से हमला कर मां की हत्या कर दी। इसके बाद लड़की को अगवा करके दिल्ली ले गया।
घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जब परिवार ने मां का अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि, काफी मान-मनौव्वल पर घरवाले वारदात के 30 घंटे बाद माने। इसके बाद अंतिम संस्कार हो सका।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले की जांच सीओ सरधना आशुतोष कुमार कर रहे हैं। कोर्ट के सामने सभी पुख्ता साक्ष्य पेश किए गए, जिसके आधार पर आरोपी को जेल भेजा गया है।
