मेरठ 12 जनवरी (प्र)। रेलवे रोड स्थित जैन बोर्डिंग हाउस में भारतीय जैन मिलन ने राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें जूप ऐप के माध्यम से देशभर से तीन हजार महिलाएं जुड़ी। भारतीय जैन मिलन के क्षेत्र संख्या एक से लेकर 17 तक की वीरांगनाओं ने तीर्थ रक्षा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। महावीर प्रार्थना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज ने संबोधित करते हुए कहा कि जैन धर्म का इतिहास अनादिनिधन है। उन्होंने इतिहास के पन्ने पलटते हुए कहा कि जैन भामाशाह ने अपना संपूर्ण धन सेवा के लिए राजा को दिया था। सम्राट अशोक के पौत्र संप्रति ने डेढ़ लाख जैन मंदिरों का निर्माण कराया। गुरु गोविंद सिंह जी के साहबजादों के अंतिम संस्कार के लिए दीवान टोडरमल जैन ने सोने की 78 हजार अशर्फी दी थी। पूरा इतिहास जैन दानदाताओं व योद्धाओं से भरा पड़ा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लेकिन वर्तमान में हमारे तीर्थ स्थलों पर कब्जे हो रहे हैं। गिरनार जी, शिखर जी आदि तीर्थ स्थलों पर विधर्मियों ने कब्जा जमा लिया है।
राजनैतिक भागीदार पर कहा कि आजादी के समय 55 जैन सांसद, संसद भवन में थे, लेकिन अब एक भी नहीं है। सुरेश जैन रितुराज ने कहा कि हमें अपनी वोट की कीमत को पहचानना होगा। राजनैतिक रूप से जैन समाज कमजोर है। हमें अपने तीर्थों व साधु संतों की रक्षा की बात उठानी होगी। इन सब में महिलाओं को विशेष जिम्मेदारी उठानी होगी। क्योंकि महिलाओं द्वारा बच्चों में संस्कार रोपित होते हैं। हमें इन सब बिंदुओं पर गहन चिंतन मंथन करने की जरूरत है।
संचालन आरती जैन ने किया। आभा जैन ने सभी क्षेत्र महिला शाखाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रीय महामंत्री प्रशासन अजय जैन ने शाखाओं की गतिविधियों के बारे में बताया। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन महेंद्र जैन ने भी विचार रखे।
