मेरठ 16 जनवरी (प्र)। राजस्थान के भिवाड़ी की तर्ज पर नगर निगम मेरठ में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मानीटरिंग सिस्टम स्थापित करने जा रहा है। शहर में स्ट्रीट लाइटों को जलाने और बुझाने के लिए अब मैनुअल स्विच की जगह टच स्क्रीन कंट्रोल पैनल और सेंसिटिव सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कंट्रोल रूम में कंप्यूटर की स्क्रीन के बटन को छूते ही स्ट्रीट लाइटें जल जाएंगी। इन्हें बंद करने के लिए भी यही प्रक्रिया रहेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में नगर निगम ने 1500 लाइटों के लिए यह व्यवस्था बनाने के लिए संचालन व मेंटेनेंस का टेंडर जारी कर दिया है। यह सात फरवरी को खुलेगा। इससे पहले 21 जनवरी को प्री-बिड मीटिंग की जाएगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के लिए अवस्थापना निधि से तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आइआइटी दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद निविदा निकाली गई है। प्रथम चरण शहर के प्रमुख मार्गों को लिया गया है। स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सेंसरयुक्त डिवाइस लगाई जाएगी। करीब 500 पैनल लगेंगे। एक पैनल से 25 पोल जोड़े जाएंगे। पैनल में इलेक्ट्रिक मीटर भी होंगे, जिनके जरिए यह पता चलता रहेगा कि बिजली की खपत कितनी है। इससे बिजली बिल अनुमानित नहीं, वास्तवित होंगे। पैनल के सेंसर स्ट्रीट लाइट बंद होते ही कंट्रोल रूम में मैसेज छोड़ देंगे। जिससे तत्काल लाइट को सही किया जा सकेगा।
वाहनों के गुजरने पर ज्यादा और कम होगी रोशनी
नगर निगम डे लाइट और मोशन सेंसर का उपयोग भी करेगा। इसके तहत सूर्याेदय होते ही लाइटें खुद बंद हो जाएंगी और अंधेरा होते ही यह अपने आप जल उठेंगी।
मोशन सेंसर कम आवाजाही वाली सड़कों पर रात के समय अपने आप लाइटें डिम कर देगा, जैसे ही वाहन या व्यक्ति गुजरेंगे तो यह पूरी क्षमता से जलने लगेंगी। यह तकनीक हाईवे, एक्सप्रेसवे पर उपयोग होती है। अब इस तकनीक का शहर के प्रमुख मार्गों पर भी इस्तेमाल किया जाएगा।
लेकिन, यहां तो 10 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें बंद- खराब
शहर में नगर निगम की 56 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगी हैं, जिनमें से करीब 10 हजार लाइट बंद खराब हैं। मुख्य मार्गों में बिजली बंदा बाईपास रोड, मवाना रोड, बागपत रोड, दिल्ली रोड पर परतापुर फ्लाईओवर से शताब्दीनगर तक, सोतीगंज के आसपास, जली कोठी, खैरनगर, रेलवे रोड चौराहे से सिटी स्टेशन के बीच सड़कों पर अंधेरा रहता है। जल्द ही यूनिवर्सिटी व गढ़ रोड सहित इन सभी मार्गों पर नई व्यवस्था देखने को मिलेगी।
नगर निगम मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार का कहना है कि सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मानीटरिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए संचालन व मेंटेनेंस के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। प्रथम चरण में डेढ़ हजार लाइटों को इस सिस्टम में लिया जा रहा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर की लाइटों को जोड़ा जाएगा।
