मेरठ 16 जनवरी (प्र)। सरधना थानाक्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में मृतक सोनू कश्यप के रिश्तेदारों सहित राजनीतिक दलों के लगभग 60 लोगों पर मुकदमा हुआ है। इन लोगों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, भीड़ जमा करने और हंगामा आदि करने का आरोप है। बता दें कि सरधना के कपसाड़, ज्वालागढ़ में निषेधाज्ञा लागू है।इस दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस एक्शन ले रही है। ज्वालागढ़ में सोनू की मौत होने के बाद एकत्र हुए लोगों ने हंगामा किया था। साथ ही पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी की थी। इसी के चलते इन लोगों पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
मेरठ के सरधना थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार उप निरीक्षक नितिन सारस्वत की तरफ से मुकदमा लिखाया गया है। बताया कि बीते मंगलवार को सूचना मिली थी कि ज्वालागढ़ गांव में मदनमती पत्नी सोमपाल सिंह के घर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो रिश्तेदार इंद्रपाल पुत्र जगमत, उसके बेटे अंकित और गुड्डू सहित करीब 50 से 60 अज्ञात लोग मदनमती के घर पर एकत्र होकर भाषणबाजी और शोर-शराबा कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि मृतक सोनू उर्फ रोहित कश्यप जिला मुजफ्फरनगर के मोहल्ला किला हनुमान चौक का निवासी था। वहीं आरोपी इंद्रपाल के ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी में होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भीड़ एकत्र होने पर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोगों ने पुलिस की बात नहीं मानी। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की और अभद्रता की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताते चले कि पांच जनवरी को मुजफ्फरनगर के हनुमान टिल्ला निवासी रोहित कश्यप उर्फ सोनू की अखेपुर रार्थना रोड पर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पेड़ के पत्तों व कपड़े की कतरन पर मोबिल आयल डालकर उसके शव को जला दिया गया था। बताया गया कि सोनू सरधना के गांव ज्वालागढ़ में अपनी मौसी के घर जा रहा था। टेंपो चालक ने विवाद के चलते सोनू की हत्या कर दी थी। पुलिस उक्त टेंपो चालक को किशोर गृह भेज चुकी है। परिवार का कहना है कि वारदात को अकेले किशोर ने अंजाम नहीं दिया। उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस उनका नाम उजागर कर गिरफ्तार करे। इसी को लेकर दोबारा से मामला तूल पकड़ गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के एक्स पर पोस्ट करने के बाद मामले ने सिवासी रूप ले लिया। बुधवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बुधवार को मेरठ-मुजफ्फरनगर बार्डर पर स्थित दादरी के एक रिजार्ट में सोनू की मौसी मदनमती निवासी ज्वालागढ़ और अन्य स्वजन से मिले थे राज्यमंत्री को गांव बुलाने के लिए मदनमती के देवर इंद्रपाल, उसके बेटे गुड्डू और अंकित ने 60 लोगों के साथ मिलकर हंगामा किया था। गांव में बीएनएस की धारा 163 लगी हुई है, उसके बाद भी हंगामा करने पर पुलिस ने इंद्रपाल और उसके दोनों बेटों समेत 60 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही। इसी के चलते गांव के 25 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे कहा गया है कि बीएनएस की धारा 163 लागू होने के बाद भी भीड़ जुटाने पर सरधना थाने पहुंचकर अपना पक्ष रखें। अन्यथा उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
