Monday, January 26

मोटे अनाजों से सज रही पोषण की थाली

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मेरठ 21 जनवरी (प्र)। आरजी पीजी कालेज के गृह विज्ञान विभाग में प्रयोगात्मक कक्षाओं के जरिये छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मोटे अनाज जैसे मक्का, बाजरा, जौ, ज्वार, रागी आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें रागी की नान खटाई, ज्वार के लड्डू और अन्य पौष्टिक व्यंजन बनाने सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे पोषण से भरपूर भोजन तैयार करने की कला सीख सकें।

इन व्यंजनों को इस प्रकार तैयार कराया जाता है ताकि पोषक तत्व सुरक्षित रहें। छात्राओं को बताया जाता है कि भोजन पकाने की गलत विधि से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। जंक फूड के अत्याधिक सेवन से पाचन तंत्र कमजोर होता है जबकि मोटे अनाज और संतुलित आहार शरीर को ऊर्जा देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं। विभाग की सहायक प्रोफेसर डा. ममता ने बताया कि विभाग में गृह विज्ञान की पांच शाखाएं संचालित हैं। वस्त्र और परिधान में वस्त्र निर्माण, कढाई-बुनाई आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाता है। बाल विकास में बच्चों की देखरेख और पोषण का प्रशिक्षण दिया जाता है। पारिवारिक संसाधन प्रबंधन, विस्तार शिक्षा शाखाओं के माध्यम से छात्राओं को जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाता है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक सरोकारों को समझने का भी अवसर मिलता है।

विस्तार शिक्षा के अंतर्गत छात्राएं गांवों में जाकर स्वास्थ्य, शराब सेवन, दहेज प्रथा आदि पर लोगों को जागरूक करती हैं। नुक्कड़ नाटक का भी सहारा लिया जाता है। स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की छात्राओं को शोधकार्य भी कराया जाता है। छात्राएं सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सर्वे करती हैं। विभाग की प्राध्यापिका डा. ममता ने बताया कि शोध कार्य से छात्राओं में विश्लेषणात्मक सोच विकसित होती है और वे समाज की वास्तविक समस्याओं को समझ पाती हैं। यह विभाग शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखता, बल्कि छात्राओं को सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।

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